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05 जुलाई 2010

साइंस में ओवरफ्लो

गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ ( आईपी ) यूनिवर्सिटी और दिल्ली टेक्नॉलजिकल यूनिवर्सिटी ( डीटीयू ) में अगले हफ्ते बीटेक कोर्सेज की काउंसलिंग शुरू होने वाली है। इसका सीधा असर डीयू के कॉलेजों में साइंस एडमिशन पर पड़ता है।

दरअसल साइंस कोर्सेज में ऐसे स्टूडेंट्स की कमी नहीं होती , जो डीयू में सीट सिक्योर कर लेते हैं लेकिन जब उनका इंजीनियरिंग कोर्सेज में एडमिशन हो जाता है , तो वे अपना एडमिशन कैंसल करवा लेते हैं। पिछले कई सालों के ट्रेंड को देखते हुए कॉलेजों ने इस बार साइंस कोर्सेज में सीटों से डबल या इससे भी ज्यादा एडमिशन कर लिए हैं।

कॉलेजों का मानना है कि एडमिशन विड्रॉ तो जरूर होंगे लेकिन कोशिश की गई है कि सीटें फिर भी फुल रहें। कैंपस कॉलेजों में तो विड्रॉ का असर शायद देखने को न मिले लेकिन आउट ऑफ कैंपस के कुछ कॉलेजों में परेशानी जरूर हो सकती है।

वैसे कॉलेजों के सामने एक समस्या और भी है कि जो कॉलेज ओरिजिनल सर्टिफिकेट जमा नहीं करते , वहां पर बहुत से स्टूडेंट्स एडमिशन कैंसल करवाने भी नहीं आते और ऐसे में कॉलेजों को कई महीनों तक पता ही नहीं चल पाता कि कितने स्टूडेंट्स ने कॉलेज छोड़ दिया है। खास बात यह है कि कैंपस के कॉलेज तो विड्रॉ का इंतजार भी कर रहे हैं , क्योंकि इन कॉलेजों में सीटों से बहुत अधिक एडमिशन हो गए हैं।

डीटीयू में बीटेक कोर्सेज की काउंसलिंग 7 जुलाई से शुरू होनी है , वहीं आईपी यूनिवर्सिटी में भी इसी डेट पर काउंसलिंग शुरू होने के चांस हैं। ऐसे में कॉलेजों में अब ओरिजिनल सर्टिफिकेट लेने वाले स्टूडेंट्स की लाइन लगनी शुरू भी हो गई है। कॉलेज स्टूडेंट्स को कुछ दिन का टाइम देते हुए सर्टिफिकेट लौटाते हैं और अगर तय सीमा के भीतर स्टूडेंट्स सर्टिफिकेट जमा करवाने नहीं आता तो फिर उसका एडमिशन कैंसल कर दिया जाता है।

हंसराज कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ . वी . के . क्वात्रा ने बताया कि फिजिक्स ऑनर्स और केमिस्ट्री ऑनर्स में 85-85 सीटें हैं और 200-200 से अधिक एडमिशन हो गए हैं। ऐसे में कॉलेज भी चाहता है कि कुछ एडमिशन विड्रॉ हों। डॉ . क्वात्रा का कहना है कि साइंस स्टूडेंट्स ने कई - कई कॉलेजों में भी सीट सिक्योर कर रखी हैं और इस कारण बहुत से ऐसे स्टूडेंट्स एडमिशन नहीं ले पाते , जो साइंस के कोर्सेज को ही करना चाहते हैं। उनका कहना है कि कॉलेज में इस बार साइंस के ऑनर्स कोर्सेज में इतने एडमिशन हो गए हैं कि विड्रॉ के बाद भी फिर से एडमिशन ओपन नहीं करने पड़ेंगे।

किरोड़ीमल कॉलेज में फिजिक्स व केमिस्ट्री ऑनर्स की 110-110 सीटें हैं और दोनों कोर्सेज में 230 तक एडमिशन हो गए हैं। आउट ऑफ कैंपस कॉलेजों में भी सीटों से ज्यादा एडमिशन हुए हैं। दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ . एस . के . गर्ग ने बताया कि केमिस्ट्री ऑनर्स की 30 सीटों पर 62 और इलेक्ट्रॉनिक्स ऑनर्स की 46 सीटों पर 80 एडमिशन हुए हैं।

डॉ . गर्ग का कहना है कि एडमिशन विड्रॉ के बाद भी उम्मीद है कि सीटों से ज्यादा एडमिशन ही रहेंगे और कुछ कोर्स में अगर सीटें बचेंगी तो फिर से एडमिशन हो सकेंगे। स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ . एस . के . कुंद्रा ने बताया कि फिजिक्स ऑनर्स में 31 सीटों पर 96 एडमिशन किए गए हैं और यह कोर्स पर डिपेंड करेगा कि वहां कितने एडमिशन कैंसल होते हैं।

वह कहते हैं कि इंजीनियरिंग कोर्सेज में एडमिशन पाने वाले बहुत से स्टूडेंट्स एडमिशन कैंसल करवाते हैं। हालांकि , वह कहते हैं कि ट्रेंड बदल रहा है और अब स्टूडेंट्स ऐसे किसी इंस्टिट्यूट से इंजीनियरिंग नहीं करना चाहते , जहां का प्लेसमेंट रेकॉर्ड अच्छा नहीं होता।

डिप्टी डीन स्टूडेंट वेलफेयर ( साउथ कैंपस ) डॉ . दिनेश वार्ष्णेय का कहना है कि साइंस कोर्सेज में अब एडमिशन कैंसल होने शुरू हो जाएंगे लेकिन अब स्टूडेंट्स की सोच भी बदल रही है और कहीं से भी इंजीनियरिंग करने को स्टूडेंट्स अब प्राथमिकता नहीं दे रहे हैं।

हंसराज कॉलेज
फिजिक्स ऑनर्स और केमिस्ट्री ऑनर्स में सीटें 85-85
एडमिशन 200-200 से अधिक

किरोड़ीमल कॉलेज
फिजिक्स व केमिस्ट्री ऑनर्स की सीटें 110-110
दोनों कोर्सेज में एडमिशन 230

दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज
केमिस्ट्री ऑनर्स की सीटें 30
एडमिशन 62
इलेक्ट्रॉनिक्स ऑनर्स की सीटें 46
एडमिशन 80
(भूपेंद्र,नवभारत टाइम्स,2 जुलाई,2010)

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