मुख्य समाचारः

सम्पर्कःeduployment@gmail.com

28 जुलाई 2010

शिक्षा का अधिकारः14 वर्ष तक के बच्चों की प्रवेश परीक्षा और उनसे फार्म की फीस लेना ग़ैर-क़ानूनी

शिक्षा के अधिकार कानून का उल्लंघन करने के एक मामले में दिल्ली बाल व संरक्षण आयोग ने दिल्ली के शिक्षा निदेशक व उपशिक्षा निदेशक पर 25 हजार रुपये का जुर्माना किया है। आयोग के इस कदम से शिक्षा निदेशालय में बेचैनी बढ़ गई है। मंगलवार को शिक्षा निदेशालय के कर्मचारियों व अधिकारियों के बीच पूरे दिन यह मामला चर्चा का विषय बना रहा। दरअसल इसी वर्ष अप्रैल में केंद्र सरकार ने देश भर में शिक्षा के अधिकार बिल को कानूनी अमलीजामा पहनाया है। नियम के तहत छह वर्ष से 14 वर्ष तक के बच्चों को निजी और सरकारी स्कूलों में पूरी तरह से निशुल्क और आवश्यक शिक्षा की बात कही गई है। यहां तक कि दाखिला की फीस भी न लेने की बात नियम के तहत दर्ज है। लेकिन बीते दिनों शिक्षा निदेशालय ने दिल्ली में राजकीय प्रतिभा विकास विद्यालय में कक्षा छह और नौ में दाखिले के लिए फार्म की कीमत 25 रुपये रखी थी। इस तरह दो कानूनों का उल्लंघन किया गया। पहला कक्षा छह में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा लेना और दूसरा उसके लिए 25 रुपये वसूलना। बाल आयोग के चेयरमैन आमोद कंठ ने बताया कि शिक्षा के अधिकार बिल में सेक्शन 31 और 32 में साफ तौर पर उल्लेख किया गया है कि छह से 14 वर्ष के बच्चों की कोई दाखिला व वार्षिक फीस नहीं ली जाएगी और दाखिला सीधे मिलेगा न कि प्रवेश परीक्षा के आधार पर। जबकि राजकीय प्रतिभा विकास विद्यालय में कक्षा छह और नौ तक में दाखिले के लिए जो विज्ञापन निकाले गए थे, उसमें कक्षा छह के लिए भी प्रवेश परीक्षा आयोजित करने और आवेदन फीस की कीमत 25 रुपये देने की बात कही गई थी(दैनिक जागरण,दिल्ली,28.7.2010)।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।