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05 जुलाई 2010

ब्रिटेन में पढाई

देश के बाहर अपनी पढ़ाई की इच्छा रखने वालों के लिए ब्रिटेन की राहें आसान हैं। यहां पढ़ाई के लिहाज से जाना ठीक है, क्योंकि पूरी दुनिया में ब्रिटेन का एजुकेशन सिस्टम बहुत फ्लेक्सीबल है।

दुनिया में पांचवे नबंर के संस्थान: यूके की सबसे खास बात यही है, कि दुनिया के अनेक विकसित देशों की तुलना में यह छोटा है। लेकिन एजुकेशन के मामले में यहां पर दुनिया की टॉप फाइव यूनीवर्सिटीज हैं।

इनमें लंडन स्कूल ऑफ बिजनेस, इंपीरियल कॉलेज, कैंब्रिज यूनीवर्सिटी, समेत अनेक ऐसे संस्थान हैं, जो पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। अगर किसी ने मैनेजमेंट इंडिया में पढ़ा है, और वह यूके में इसमें वेवऑफ चाहता है, तो वह ले सकता है। इसके अलावा भी मैनेजमेंट, हेल्थ, एकॉउंट्स में वृहद संभावनाएं हैं।

पढ़ाई के साथ जॉब

ब्रिटेन में निर्यात से जुड़ी अनेक इंड्स्ट्रीज हैं। इसलिए यहां जॉब करने की भी कई संभावनाएं हैं। यूके में पढ़ाई का खर्च सालना करीब 7 से 8 लाख रुपये आता है। अगर छात्र चाहें तो इस खर्च को विभिन्न इंडस्ट्रीज में बीस घंटे प्रति सप्ताह के हिसाब से काम करके भी निकाल सकते हैं। इसके अलावा भी कई और राहें यूके में हैं।

कैसे जाएं यूके

यूके में पढ़ाई के लिए जाना हो तो हर तीन महीने में होने वाले आईलेट्स की परीक्षा पास करनी पड़ती है। इसकी तैयारी के लिए इंग्लिश पर अच्छी पकड़ होनी चाहिए। कई राज्यों की राजधानी में अब ऐसे संस्थान खुल गए हैं, जो यूके में पढ़ाई के लिए आईलेट्स की तैयारी करवाते हैं।

आमतौर पर यूके में सितंबर और जनवरी में प्रवेश प्रक्रिया होती है। इसमें सितंबर ज्यादा ठीक रहता है। ब्रिटिश काउंसिल हर दो महीने में रायपुर में आकर आईलेट्स एग्जाम आयोजित कराती है। इसके बाद से राजधानी के बच्चों को अब बड़े शहरों में एग्जाम के लिए नहीं जाना पड़ता है।

स्टूडेंट ओरिएंटेड एजुकेशन सिस्टम

यूके में हर विषय में डिग्री और पोस्टडिग्री कोर्स उपलब्ध हैं। यहां के विश्वविद्यालय महारानी के रॉयल चार्टर से जुड़े होते हैं। इसलिए यह स्वायतशासी होती हैं। ब्रिटेन का एजुकेशन सिस्टम पूरी तरह से स्टूडेंट ओरिएंटेड है, इस वजह से कहा जा सकता है, कि यहां दुनिया में सबसे कम ड्रॉपऑउट और फैल होने की समस्या है।

स्टूडेंट ओरिएंट सिस्टम में स्टूडेंट की हर अच्छी बुरी बात का ख्याल रखते हुए, पूरी तरह से उसके चहुंमुखी विकास को केंद्र में रखकर पढ़ाई कराई जाती है। इसके साथ ही जॉब विकल्प अच्छे होने के कारण भी यूके में पढ़ाई करने वालों की संख्या ज्यादा है(दैनिक भास्कर,5.7.2010)।

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