वर्षो से शिक्षकों की कमी से जूझ रहे उत्तर प्रदेश के राजकीय मेडिकल कालेजों को जल्द ही इस समस्या से निजात मिल जाने की उम्मीद है। शासन की ओर से इसकी तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। 273 लेक्चररों की तैनाती की जायेगी। आधे से ज्यादा पदों के लिए नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम चरण में है। मेडिकल कालेजों में लेक्चररों की कमी से कालेजों में पढ़ाई तो प्रभावित हो ही रही है, चिकित्सा सेवा पर भी असर पड़ रहा है। इलाहाबाद मेडिकल कालेज की बात करें तो यहां विभिन्न विभागों के 30 पद रिक्त चल रहे हैं। कुछ यही हाल प्रदेश के अन्य मेडिकल कालेजों का भी है। मेडिसिन व सर्जरी जैसे महत्वपूर्ण विषयों में लेक्चररों की सबसे अधिक कमी बनी हुई है। इस स्थिति को देखते हुए शासन ने रिक्त पदों को भरने की कवायद शुरू की है। शासन के निर्देश पर चिकित्सा शिक्षा मुख्यालय ने हाल ही में प्रदेश के मेडिकल कालेजों से रिक्त पदों की जानकारी मांगी थी। इसके तहत तैयार विषयवार रिक्त पदों का ब्योरा लोक सेवा आयोग को सौंपकर शासन ने इन रिक्त पदों पर संस्तुति देने को कहा था। आयोग ने पहले चरण में 248 और दूसरे चरण में 25 पदों पर संस्तुति दे दी है। आयोग के सूत्रों ने बताया कि रिक्त पदों के लिए चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है(दैनिक जागरण,लखनऊ,21.7.2010)।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।