प्रदेश के संस्कृत विद्यालयों व महाविद्यालयों में नियुक्तियों का पिटारा खुलने जा रहा है। करीब डेढ़ दशक बाद इन विद्यालयों के लिए नये शिक्षकों के चयन की प्रक्रिया शुरू की गयी है। प्रदेश के सभी अनुदानित संस्कृत विद्यालयों व महाविद्यालयों से रिक्तियों की सूचनाएं मांगी गयी हैं। चयन समितियां भी गठित की जा चुकी हैं। अधिकारियों की माने तो अगस्त अंत या सितंबर तक विद्यालयों में नये संस्कृत शिक्षक पहुंच जायेंगे। अधिकारियों की माने तो 1995 से प्रदेश में संस्कृत विद्यालयों में नियुक्तियां बंद थी। लंबे अर्से बाद प्रदेश सरकार ने संस्कृत विद्यालयों की सुधि लेने की ठानी है। उप निदेशक संस्कृत पी.सी. अग्निहोत्री के अनुसार प्रदेश सरकार ने इस साल संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों की सेवा नियमावली को जारी कर दिया है। यह नियमावली लागू होने के बाद अब शिक्षकों के चयन की प्रक्रिया शुरू की गयी है। अग्निहोत्री के अनुसार प्रदेश के सभी अनुदानित विद्यालयों व महाविद्यालयों से रिक्त पदों की जानकारी मांगी गयी है। इन रिक्तियों का सत्यापन करने का दायित्व निरीक्षक संस्कृत पाठशाला को सौंपा गया है। इनकी संस्तुति मिलने के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक इसे स्वीकृति देंगे। इस संबंध में 22 जुलाई को लखनऊ में अधिकारियों की बैठक बुलाई गयी है। इसमें पहले चरण में इलाहाबाद समेत 18 बड़े जिलों के अधिकारी बुलाये गये हैं(एल.एन.त्रिपाठी,दैनिक जागरण,इलाहाबाद,21.7.2010)।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।