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06 जुलाई 2010

उत्तरप्रदेशः60 का सेक्शन: खामियाजा भुगतेंगे छात्र

यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा का वर्ष-09 का रिजल्ट 79.52 प्रतिशत। वर्ष-2010 का परिणाम कुल 80.54 प्रतिशत। अर्थात कुल परीक्षा परिणाम में पिछले वर्ष की तुलना में 1.02 प्रतिशत की वृद्धि। यानि बंपर रिजल्ट। पिछले साल परिणाम 79.52 प्रतिशत रहा था तो स्नातक क्लास का एक सेक्शन 100 छात्रों का रहा था। कुलपति ने बीस प्रतिशत सीटें बढ़ायीं। फिर शासन ने बीस प्रतिशत बढ़ायी थीं। वर्ष-10 की बोर्ड की परीक्षा का रिजल्ट 80.54 प्रतिशत रहा है। इस बार सेक्शन केवल 60 छात्रों का ही होगा। कुलाधिपति के विधिक परामर्शदाता राजवीर शर्मा का मेरठ समेत सभी विवि को जारी किया गया आदेश इसकी पुष्टि करता है। उन्होंने आदेश में स्पष्ट कहा है कि विवि या महाविद्यालयों में इस बार यदि निर्धारित से अधिक सीटों पर प्रवेश किये तो दंडनीय होगा। जिसमें एक साल जेल की सजा या जुर्माना दोनों हो सकते हैं। सीटें न बढ़ने व सेक्शन केवल 60 छात्रों का होने से डिग्री कालेजों में प्रवेश के लिए पंजीकरण कराने वाले लाखों छात्र-छात्राओं एवं प्राचार्यो को मुश्किल में डाल दिया है। ऐसे में विवि स्तर से यूजी और पीजी में सीटें बढ़ाने का कोई आदेश अभी जारी नहीं किया गया। असर:-शासन द्वारा अभी तक अनुदानित कालेजों की सीटें (सेक्शन में छात्रों की संख्या) न बढ़ाने से विभिन्न कालेजों में पंजीकरण कराने वाले हजारों छात्र प्रवेश से वंचित होंगे। साथ ही मजबूरन वह स्ववित्त पोषित या निजी कालेजों की शरण लेंगे। वहां उन्हें अनुदानित से कहीं अधिक फीस चुकानी होगी। मेरठ कालेज में पिछले साल बीए में 1100 प्रवेश किये गये थे। क्योंकि सेक्शन 100 का तक किये जाने की अनुमति थी। इस बार केवल 660 छात्रों को ही प्रवेश मिलेगा। प्रथम वर्ष में पिछले साल की तुलना में बीए में 440 सीटों पर प्रवेश कम होंगे। इसी तरह, बीकाम, एमए व एमकाम में सीटों की संख्या कम हो गयी हैं। कालेजों में बीस प्रतिशत सीटें बढ़ाने का अधिकार वीसी को होता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। क्योंकि राजभवन से विवि व कालेजों में निर्धारित सीटों पर ही प्रवेश करने के आदेश दिये गये हैं। हाईकोर्ट का भी कोई आदेश है। ऐसे में इस बार सीटें नहीं बढ़ेगी। -प्रो.एसके काक, वीसी-चौधरी चरण सिंह विवि पिछले साल से इस बार रिजल्ट ज्यादा रहा है तो सीटें भी ज्यादा होनी चाहिए। क्यों कि रिजल्ट इस बार बंपर रहा है। सीटें न बढ़ाने से हजारों छात्र-छात्राएं वंचित होंगे। शासन और विवि को तुरंत सीटें बढ़ाने पर विचार करना चाहिए। -जयवीर राणा पूर्व छात्र संघ महामंत्री, सीसीएस विवि(दैनिक जागरण,मेरठ,6.7.2010)

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