यूपी में,अल्पसंख्यकों को उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिये बुद्धिजीवियों के मैदान में आने के बाद उलमा भी जाग गये हैं। कई जिलों में उलमा की टीम अपने अपने शहर में मुस्लिम बस्तियों में ऐसे होनहार छात्र-छात्राओं को तलाश करेगी जो आर्थिक तंगी के कारण हाईस्कूल और इंटर से शिक्षा छोड़ देते हैं। इस अभियान का नाम तालीमी बेदारी मुहिम रखा गया है। आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड जदीद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री मौलाना हाशिम अशरफी ने बताया कि मिल्लत में बेदारी लाने के लिये इस अभियान की शुरुआत जुमा से मदरसा अशरफुल मदारिस गद्दियाना से होगी। मौलाना ने बताया कि इस अभियान में खुसतर रब्बानी बांदा, हाफिज अहसान गुरसहायगंज, मौलाना हन्नान लखनऊ, मौलाना इमामुद्दीन प्रतापगढ़ और कारी रईस नूरी इलाहाबाद को शामिल किया गया है। मौलाना ने कहा कि अभी तक मुस्लिम बस्तियों में 75 से 80 प्रतिशत बच्चे आर्थिक तंगी के कारण हाईस्कूल और इंटर से ही पढ़ाई छोड़ देते हैं। मौलाना ने कहा कि नेताओं से मिल्लत को कोई उम्मीद नहीं है, ऐसे में बहुत सोच विचार के बाद ये फैसला लिया गया है कि उलमा अब इस काम में जुटेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार भी अल्पसंख्यक मेघावी छात्र-छात्राओं के लिये तमाम योजनायें चला रही है(दैनिक जागरण,कानपुर,5.7.2010)।
nice post.allah inki madad kare aameen.
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