मुख्य समाचारः

सम्पर्कःeduployment@gmail.com

27 जुलाई 2010

पंजाब व हरियाणा में अध्यापकों के हजारों पद खाली

हरियाणा में शिक्षकों के 28580 पद खाली हैं। यह जानकारी सोमवार को हरियाणा सरकार की ओर से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दायर हलफनामे में दी गई। पंजाब सरकार ने भी हलफनामा दायर कर प्रदेश में शिक्षकों के हजारों पद रिक्त होने संबंधी जानकारी दी। हरियाणा के स्कूली शिक्षा विभाग के अतिरिक्त निदेशक विनय सिंह द्वारा दायर किए गए हलफनामे में बताया गया है कि राज्य में 14443 गेस्ट टीचर काम कर रहे हैं। हलफनामे के अनुसार राज्य में स्कूली शिक्षा विभाग में कुल 101697 अध्यापकों के पद स्वीकृत हैं, जिसमें से 72417 पद भरे हुए हैं। हलफनामे के अनुसार राज्य में इस समय 28580 पद खाली हैं। विनय सिंह ने अपने हलफनामे में बताया कि हरियाणा सरकार ने 14106 अध्यापकों के पदों की भर्ती के लिए प्रकिया शुरू कर दी है। हलफनामे में यह भी जानकारी दी गई है कि राज्य में स्कूलों में प्रिंसिपल के 1605 पद हैं, जिसमें से 1286 पद भरे हैं। शेष पद रिक्त हैं। मुख्याध्यापकों के 1622 पदों में से 1286 पद भरे हैं। हलफनामे के अनुसार राज्य में सबसे ज्यादा जेबीटी अध्यापकों के पद खाली हैं। जेबीटी के कुल स्वीकृत 39627 पदों में से 11853 पद रिक्त हैं। मास्टर वर्ग के 25518 पदों में से 3741 पद खाली हैं। इसी तरह पंजाब सरकार के स्कूली शिक्षा विभाग के अतिरिक्त सचिव अवतार सिंह ने पंजाब के स्कूलों में अध्यापकों के स्वीकृत पद और उनकी स्टेटस रिपोर्ट की जानकारी कोर्ट के सामने रखी। उनके हलफनामे के अनुसार राज्य में स्कूलों में प्रिंसिपल के 1723 पद हैं, जिसमें से 1176 पद भरे हैं। मुख्याध्यापक के 1742 पदों में से 598 पद भरे हैं। शेष पद प्रमोशन से भरे जाने हैं। हलफनामे के अनुसार राज्य में मास्टर वर्ग के 45373पदों में से 4333 के पद खाली हैं। स्कूली लेक्चरर के 10590 पदों में से 7594 पद भरे हैं। ज्ञात रहे कि चंडीगढ़ के एक वकील ने स्कूलों में अध्यापकों की कमी के खिलाफ हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोनों राज्य सरकारों से उनके राज्य में कुल स्वीकृत पदों व रिक्त पदों की पूरी जानकारी मांगी थी(दैनिक जागरण,चंडीगढ़,27.7.2010)।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।