पीजीआई चंडीगढ़ में अगले साल से एमबीबीएस कोर्स शुरू हो सकता है। साल 2008 में पार्लियामेंटरी स्टैंडिंग कमेटी ने पीजीआई पर सवाल खड़े किए थे कि एम्स एमबीबीएस कोर्स शुरू कर सकता है तो पीजीआई क्यों नहीं। कमेटी का मानना था कि पीजीआई के पास एमबीबीएस कोर्स शुरू करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी नहीं है। इस पर आपत्ति जाहिर करते हुए पीजीआई ने कहा था कि वह स्पेशल फैकल्टी तैयार करते हैं।
एमबीबीएस कोर्स शुरू करने पर पीजीआई का फोकस डगमगा सकता है। इन दलीलों को खारिज करते हुए स्टैंडिंग कमेटी ने पीजीआई को संभावनाएं तलाशने को कहा था। अब पीजीआई का कहना है कि वह एमबीबीएस कोर्स पर विचार कर सकते हैं।
यह जानकारी पीजीआई के डायरेक्टर डॉ. केके तलवार ने सोमवार को एक प्रेस वार्ता में दी। डॉ. तलवार ने बताया कि पीजीआई अपने पास उपलब्ध इंफ्रास्ट्रक्चर और कोर्स शुरू करने के फैसले के बारे में जल्द ही कमेटी को अवगत करा देगी। फिलहाल यहां अंडर ग्रेजुएट नर्सिग, डेंटल कोर्स चल रहे हैं।
इस मौके पर डॉ. तलवार ने आग्रह किया कि आसपास के अस्पतालों और डिस्पेंसरियों के साथ ही अन्य राज्य सरकारों को अपने यहां स्वास्थ्य सेवाओं को तेज और मजबूत करना चाहिए। इससे पीजीआई का प्रेशर कम होगा। पीजीआई ने हाल ही में 250 फैकल्टी की पोस्ट निकाली है, स्टाफ सेलेक्शन कमेटी बन चुकी है। इंटरव्यू लिए जाने हैं। उन्होंने कहा कि आसपास की स्वास्थ्य सेवाएं कमजोर होने के कारण पीजीआई पर क्षमता से 40 गुना ज्यादा दबाव है।
बॉयकाट नहीं करेगी फैकल्टी: पीजीआई सबडीन डॉ. अमोद गुप्ता ने फाउंडेशन डे पर फैकल्टी के बॉयकाट करने के फैसले को लेकर कहा कि फैकल्टी फाउंडेशन डे में हिस्सा लेगी। इसका कोई बॉयकाट नहीं हो रहा है। इस पर फैकल्टी ने पीजीआई प्रशासन से बात कर ली है। यह संस्थान का कार्यक्रम है, जिसमें निजी दिक्कतों को आड़े नहीं आने दिया जाएगा(दैनिक भास्कर,चंडीगढ़,6.7.2010)।
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