बागपत जिले में बीटीसी चयन प्रक्रिया में फर्जीवाडे का खुलासा हुआ है। बीटीसी में चयनित 13 अभ्यर्थियों ने संपूर्णानंद संस्कृत विवि वाराणसी के हाईस्कूल से स्नातक तक के फर्जी शैक्षिक प्रमाण-पत्र पेश किए थे। मामला उजागर होने के बाद चौ. चरण सिंह जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान बड़ौत (डायट) के प्राचार्य ने चयन प्रक्रिया रोकने के साथ ही घपलेबाज अभ्यर्थियों के खिलाफ थाने में रिपोर्ट लिखाने की तहरीर दी है। प्राचार्य का दावा है कि छत्तीसगढ़ के एक मंत्री ने उन्हें मामला न दबाने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है। चौ. चरण सिंह जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) बड़ौत में 6 से 8 जुलाई तक बीटीसी के चयनित 100 अभ्यर्थियों की काउंसलिंग हुई। प्राचार्य योगराज सिंह को कुछ अभ्यर्थियों द्वारा पेश संपूर्णानंद संस्कृत विश्र्वविद्यालय वाराणसी के शैक्षिक प्रमाणपत्रों पर संदेह हुआ तो उन्होंने चयनितों की अंतिम सूची को रोक दिया। सिंह के नेतृत्व में एक टीम चयनितों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच के लिए वाराणसी गई। योगराज सिंह ने बताया कि 21 चयनित अभ्यर्थियों ने संपूर्णानंद विवि की डिग्री पेश की थी जिनमें 13 फर्जी निकलीं। जबकि आठ डिग्रियों की जांच जारी है। फर्जी प्रमाण पत्र लगाने वाले अभ्यर्थियों के नाम सूची से निकाल दिए जाएंगे। सूची में वरीयता क्रम के अनुसार नाम शामिल किए जाएंगे(दैनिक जागरण,राष्ट्रीय संस्करण,20.7.2010)।
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