पॉलीटेक्निक संस्थानों में प़ढ़ाई का सपना देखने वालों के लिए दिक्कत भरी खबर है । उत्तरप्रदेश सरकार ने माध्यमिक विद्यालयों, इंजीनियरिंग कालेजों के बाद अब सरकारी अनुदानित पॉलीटेक्निक संस्थानों की भी फीस में इजाफा कर दिया है । नई दुनिया का दिल्ली संस्करण लिखता है कि इसका शासनादेश जारी कर दिया गया है । नए शासनादेश के तहत अनुदानित पॉलीटेक्निकों की सामान्य कोर्स की फीस ९४५० रुपए की जगह १७,५०० रूपए देने होंगे ।
प्रदेशभर में ७७ राजकीय, ७४ निजी तथा १९ अनुदानित पॉलीटेक्निक संस्थान संचालित हैं । राज्य सरकार ने कुछ महीने पहले राजकीय पॉलीटेक्निकों की फीस में इजाफा कर दिया था । जिसके तहत छात्रों से ९३५० रूपए की जगह १२६७० रूपए लिया गया । संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद के सचिव एस.के.गोविल ने बताया कि सूबे के १९ सरकारी अनुदानित पॉलीटेक्निक संस्थानों में सामान्य प्रवेश के लिए ९४५० की जगह १७५०० देना होगा।
इसी विषय पर दैनिक जागरण,लखनऊ संस्करण की खबर है कि अनुदानित पॉलीटेक्निक की फीस अभी तक 9350 रुपये थी, इसे बढ़ाकर 17,500 रुपये कर दिया गया है। गौरतलब है कि इसी सत्र से राजकीय पॉलीटेक्निक की फीस में भी बढ़ोतरी की गई है। निदेशक, प्राविधिक शिक्षा मधुकर ने बताया प्रदेश के सभी 19 अनुदानित कालेजों में यह फीस लागू होगी। प्रदेश के अनुदानित कालेजों में 12000 सीटें हैं। राजकीय पॉलीटेक्निक की फीस अभी तक 9,350 रुपये थी, इसी सत्र से फीस बढ़ाकर 12,670 रुपये कर दी गई है। प्रदेश में तकरीबन 50 प्राइवेट पॉलीटेक्निक को एक पखवारे में सम्बद्धता मिल जाएगी। प्राइवेट कालेजों में फीस 14,500 रुपये और विकास शुल्क एक हजार रुपये लिया जाता है। पॉलीटेक्निक की काउंसिलिंग खत्म सोमवार से पॉलीटेक्निक संयुक्त प्रवेश परीक्षा की काउंसिलिंग खत्म हो गई। सोमवार को आखिरी दिन के और जे ग्रुप की काउंसिलिंग थी। के ग्रुप में 1195 और जे ग्रुप में 3 अभ्यर्थियों ने कालेज के विकल्प भरे।
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