लखनऊ के बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर केन्द्रीय विश्वविद्यालय में अब परम्परागत पाठ्यक्रम के साथ ही संगीत और भाषा की भी पढ़ाई होगी। संगीत व भाषा के प्रति विद्यार्थियों में रुझान और विशेषज्ञता विकसित करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय में दो नये विभाग खोले जाएंगे। शासन की मंजूरी मिलते ही विभाग खोलने की कवायद शुरू होगी। विश्वविद्यालय में संगीत व भाषा का पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए गत दिनों स्कूल ऑफ अम्बेडकर स्टडीज के प्रतिनिधियों की बैठक में प्रस्ताव तैयार किया गया। विवि के कुलपति प्रो.बी हनुमैय्या की अध्यक्षता में हुई बोर्ड आफ मैनेंजमेंट और एकेडमिक काउंसिल की बैठक में भी प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई। प्रस्ताव में स्कूल ऑफ लैंग्वेज लिट्रेचर के अन्तर्गत हिन्दी, अंग्रेजी व अन्य एशियाई भाषाओं की पढ़ाई होगी। पहले चरण में जापान, चीन, रूस व अरब देशों की भाषाओं की शिक्षा दी जाएगी। दूसरा विभाग का नाम स्कूल फार परफारमिंग आर्ट प्रस्तावित है, जिसके अन्तर्गत विद्यार्थियों को संगीत व नृत्य की शिक्षा दी जाएगी। रजिस्ट्रार प्रो. कामेश्र्वर चौधरी ने बताया कि विवि ने विश्र्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को प्रस्ताव भेजने के साथ ही रविवार को विवि आये मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल को भी प्रस्ताव की एक प्रति सौंपी है। श्री सिब्बल ने विवि के प्रस्ताव की न केवल सराहना की बल्कि उसके लिए शीघ्र ही अनुदान दिलाने का भी आश्र्वासन दिया। दोनों विभागों के भवनों के निर्माण के लिए 40 करोड़ रुपये मांगे गए हैं। प्रत्येक विभाग में छह फेकल्टी सदस्य होंगे। बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.बी हनुमैय्या ने बताया कि वर्तमान में विवि में 21 विभागों का संचालन हो रहा है। उसे बढ़ाकर 30 करना है। इसी के अन्तर्गत दो विभागों को खोलने का प्रस्ताव भेजा गया है(दैनिक जागरण,लखनऊ,27.7.2010)।
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