बीएड और विवाद का पुराना रिश्ता रहा है। कभी मान्यता तो कभी मनचाही फीस। लेकिन अब फीस को लेकर निजी कॉलेजों पर जल्द ही सरकारी लगाम लगने जा रही है। प्रदेश की फीस निर्धारण कमेटी की ओर से इस क्षेत्र में कार्रवाई की जा रही है।
बीएड कॉलेजों के नए शैक्षणिक सत्र के शुरू होने से पहले ही फीस निर्धारण होने की उम्मीद है। सभी कॉलेजों मंे एक समान फीस को लागू करने पर विचार किया जा रहा है। इस बारे में कॉलेजों से बात शुरू की जा चुकी है। फीस 25 से 35 हजार रुपये तक की जा सकती है।
इंजीनियरिंग की तरह तय होगी फीस: इससे पहले राजधानी समेत प्रदेशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में एक समान फीस को लागू कर दिया गया है। इसी तर्ज पर अब निजी कॉलेजों द्वारा विद्यार्थियों से बीएड की पढ़ाई के लिए मनमानी फीस वसूल करने पर इस दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।
इस समय प्रदेशभर मंे लगभग 94 निजी बीएड कॉलेजों का संचालन किया जा रहा है। कई बार फीस के अभाव में प्रतिभावान छात्र इस कोर्स से वंचित रह जाते हैं। इसमें महत्वपूर्ण बात यह है कि प्राइवेट कॉलेजों ने स्थानीय व अन्य राज्य के स्टूडेंट्स के लिए अलग-अलग फीस का निर्धारण किया है। इससे प्रदेश के बाहर वाले विद्यार्थियों से 15 से 20 हजार तक ज्यादा फीस ली जाती है।
कॉलेजों से शुरू हुई बातचीत
कमेटी के सदस्यों ने बीएड कॉलेजों को पत्र जारी करके कई सवालों का जवाब मांगना शुरू कर दिया है। कॉलेजों के इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ही शिक्षा व्यवस्था की पूरी जानकारी कॉलेजों से ली जाएगी।
सूत्रों ने बताया कि इस काम मंे कम से कम 6-8 माह का समय लग जाएगा। इसके साथ ही अंतरिम फीस को तय कर दी जाएगी। इस सत्र में एडमिशन लेने वाले छात्रों को इससे निश्चित तौर से फायदा होगा। कॉलेजों से भी उनका पक्ष सुना जाएगा(दैनिक भास्कर,रायपुर,4.7.2010)।
बीएड कॉलेजों के नए शैक्षणिक सत्र के शुरू होने से पहले ही फीस निर्धारण होने की उम्मीद है। सभी कॉलेजों मंे एक समान फीस को लागू करने पर विचार किया जा रहा है। इस बारे में कॉलेजों से बात शुरू की जा चुकी है। फीस 25 से 35 हजार रुपये तक की जा सकती है।
इंजीनियरिंग की तरह तय होगी फीस: इससे पहले राजधानी समेत प्रदेशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में एक समान फीस को लागू कर दिया गया है। इसी तर्ज पर अब निजी कॉलेजों द्वारा विद्यार्थियों से बीएड की पढ़ाई के लिए मनमानी फीस वसूल करने पर इस दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।
इस समय प्रदेशभर मंे लगभग 94 निजी बीएड कॉलेजों का संचालन किया जा रहा है। कई बार फीस के अभाव में प्रतिभावान छात्र इस कोर्स से वंचित रह जाते हैं। इसमें महत्वपूर्ण बात यह है कि प्राइवेट कॉलेजों ने स्थानीय व अन्य राज्य के स्टूडेंट्स के लिए अलग-अलग फीस का निर्धारण किया है। इससे प्रदेश के बाहर वाले विद्यार्थियों से 15 से 20 हजार तक ज्यादा फीस ली जाती है।
कॉलेजों से शुरू हुई बातचीत
कमेटी के सदस्यों ने बीएड कॉलेजों को पत्र जारी करके कई सवालों का जवाब मांगना शुरू कर दिया है। कॉलेजों के इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ही शिक्षा व्यवस्था की पूरी जानकारी कॉलेजों से ली जाएगी।
सूत्रों ने बताया कि इस काम मंे कम से कम 6-8 माह का समय लग जाएगा। इसके साथ ही अंतरिम फीस को तय कर दी जाएगी। इस सत्र में एडमिशन लेने वाले छात्रों को इससे निश्चित तौर से फायदा होगा। कॉलेजों से भी उनका पक्ष सुना जाएगा(दैनिक भास्कर,रायपुर,4.7.2010)।
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