कालेज में प्रवेश प्रक्रिया के दौरान होने वाली राजनीति से बचने के लिए डीएवी कालेज ने कमर कस ली है। कालेज प्रशासन का दावा है कि इस सत्र में निर्धारित तिथि के बाद किसी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। प्रवेश के लिए आवेदन पत्र मंगलवार से उपलब्ध होंगे। एक लाख रुपये से कम आय वाले अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्रों के लिए इस सत्र में अलग आवेदन पत्र प्रकाशित कराए गए हैं। छात्र संख्या के लिहाज से राज्य के सबसे बड़े कालेज डीएवी पीजी में मंगलवार से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो रही है। इसी के साथ कालेज में छात्र राजनीति भी जोर पकड़ने लगी है। हालांकि, कालेज 26 जुलाई से खुलेगा, लेकिन प्रथम वर्ष की करीब 12 हजार सीटों समेत अन्य वर्षो में प्रवेश के लिए आवेदन पत्रों का आवंटन मंगलवार से शुरू हो जाएगा। बीए, बीकॉम, बीएससी, एमए, एमकॉम, एमएससी समेत विभिन्न कोर्सेज में प्रवेश के लिए कालेज ने रणनीति तैयार कर ली है। कालेज प्रशासन का कहना है कि प्रवेश परीक्षा में पारदर्शिता के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया जा रहा है। कालेज खुलने से पहले आवेदन पत्र वितरण शुरू करने के पीछे समय से प्रवेश प्रक्रिया पूरी करना ही उद्देश्य है। कालेज का दावा है कि सिंगल विंडो सिस्टम के तहत निर्धारित तिथि के बाद किसी भी छात्र को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। कालेज के प्राचार्य डॉ. बीएल नौटियाल का कहना है कि मंगलवार से दो काउंटर्स से आवेदन पत्रों का वितरण शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक काउंटर से सामान्य वर्ग के छात्रों को व दूसरे काउंटर से एससी व एसटी छात्रों के लिए (जिनकी आय एक लाख से कम है) है। डॉ. नौटियाल ने बताया कि इस सत्र में निर्धारित तिथि के बाद किसी छात्र को प्रवेश नहीं दिया जाएगा(दैनिक जागरण,देहरादून,20.7.2010)।
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