दिल्ली विश्वविद्यालय के कई कॉलेजों में तीसरी कटऑफ के बाद दाखिले बंद हो चुके हैं। लेकिन तीसरी कटऑफ तक दाखिला न पाने वाले छात्र दाखिले की आस में स्टूडेंट वेलफेयर के दफ्तर में चक्कर लगा रहे हैं। डीयू की चौथी कटऑफ में महज कुछ ही कॉलेजों में दाखिले के अवसर है। चौथी कटऑफ में बाहरी कॉलेजों के विकल्प मौजूद है। सभी कॉलेजों में चौथी कटऑफ में दाखिले ७ से ९ जुलाई तक चलेंगे।
चौथी कटऑफ में बीए प्रोग्राम में अदिति महाविद्यालय, भगिनी निवेदिता, दौलतराम, हिंदू, कालिंदी, महाराजा अग्रसेन, मिरांडा हाउस, मोतीलाल नेहरू पीजीडीएवी कॉलेजों में अब भी दाखिला ले सकते हैं। बीकॉम के विकल्प लगभग सभी कॉलेजों में बंद हो चुके हैं। किरोड़ीमल कॉलेज में चौथी कटऑफ में ९२ प्रतिशत में दाखिला हो सकता है। वहीं विज्ञान के छात्रों के लिए अब दाखिले ना के बराबर रह गए हैं। स्टूडेंट वेलफेयर के दफ्तर में चक्कर लगाने वाले ऐसे छात्र है जिन्होंने या तो ओएमआर फार्म नहीं भरा या फिर तीनों ही कटऑफ में अंकों के कारण कॉलेज और कोर्स में दाखिला नहीं ले पाए हैं। ऐसे में छात्र परेशान हैं कि अब उनके लिए क्या विकल्प रह गए हैं। स्टूडेंट वेलफेयर डीन एसके विज ने बताया कि दाखिले के कई दिनों पहले से छात्रों को ओएमआर फॉर्म के अधिकांश विकल्पों को भरने के लिए कहा जा रहा था।
अब ऐसे छात्रों के लिए परेशानी हो गई है जिन्होंने फॉर्म को ठीक से नहीं भरा था। सामान्य श्रेणी के जिन छात्रों को तीनों कटऑफ में दाखिला नहीं मिला है अब उनके पास कुछ ही कॉलेजों के विकल्प रह गए हैं। जो छात्र बीकॉम और बीए में दाखिला नहीं ले पाए हैं ऐसे छात्र ओपन कॉलेज में दाखिला ले सकते हैं या फिर जिन कॉलेजों में सीटें बची हैं वहां दाखिला लें। इन छात्रों को वही डिग्री मिलेगी जो कि नियमित कॉलेज के छात्रों को मिलती है। इसके अलावा छात्र अब उन कॉलेजों में नजर रखें जिनकी सीटें खाली है। कॉलेज अखबार में भी इसका विज्ञापन देते हैं। ओएमआर फॉर्म न भरने वाले छात्रों के लिए भी सीटें भरने के लिए कॉलेज के अपने नियम हैं। उन्होंने बताया कि छात्रों के सामने यह परेशानी भी हो रही है कि उन्होंने दूसरी कटऑफ में दाखिला तो ले लिया है लेकिन अब तीसरी कटऑफ में दाखिले के लिए उनके पास सर्टिफीकेट नहीं है। ऐसे में छात्र कॉलेज को एप्लीकेशन दें(नई दुनिया,दिल्ली,6.7.2010)।
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