गुरु गोविंद सिंह इन्द्रप्रस्थ (आईपीयू) में सीट अपग्रेडेशन की आस में बैठे छात्रों को अब इसके लिए एक नहीं, बल्कि पांच हजार रुपये चुकाने होंगे। काउंसिलिंग के दूसरे सत्र में छात्रों को उपलब्ध कराये जाने वाला यह विकल्प लगातार सीट अपग्रेडेशन की छात्रों में बढ़ती प्रवृत्ति के चलते महंगा कर दिया है। बस इसी प्रवृत्ति पर नियंत्रण के लिए विश्वविद्यालय ने इस बार सीट अपग्रेडेशन की फीस को एक हजार से बढ़ा कर पांच हजार रुपये कर दिया है। ज्वॉइंट रजिस्ट्रार ने बताया कि फीस बढ़ाने के बाद अब वही छात्र इस सुविधा के लिए आगे आएगा, जो सचमुच बदलाव चाहता है। ज्वॉइंट रजिस्ट्रार ने बताया कि काउंसिलिंग के दौरान सीट अपग्रेडेशन के तहत छात्र एक संस्थान से दूसरे संस्थान में शिफ्ट होता है। ऐसे में कोर्स का बदलाव नहीं होता, लेकिन संस्थानों में भरी व खाली सीटों का पूरा सिस्टम ही उलट जाता है। ऐसे में विश्वविद्यालय व संबंधित शिक्षण संस्थान चाहते हैं कि यह प्रक्रिया आवश्यक स्थिति में ही अंजाम दी जाए(पायल रावत,हिंदुस्तान,दिल्ली,20.7.2010)।
मुख्य समाचारः
20 जुलाई 2010
आईपीयू में महंगा हुआ सीट अपग्रेडेशन
विश्वविद्यालय के ज्वॉइंट रजिस्ट्रार (एकेडमिक) प्रदीप उपमन्यु बताते हैं कि बीते सालों में लगातार देखने में आ रहा था कि भारी संख्या में छात्र पहली काउंसिलिंग में मिलने वाले विकल्पों को दूसरी काउंसिलिंग में सीट अपग्रेडेशन की सुविधा का इस्तेमाल कर बदल डालते थे। ऐसे में दूसरी काउंसिलिंग में भी सीटों के भरने व खाली होने की प्रक्रिया बड़े पैमाने पर चलती थी, जिसका फायदा जरूरतमंद छात्रों को नहीं मिल पा रहा था।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।