पिछड़ा वर्ग के सैकड़ों विद्यार्थियों को मार्कशीट के लिए अब इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सोमवार को फीस वापसी मद के 3 करोड़ 69 लाख रुपये लखनऊ विश्वविद्यालय को प्राप्त हो गए हैं। हालांकि अभी भी तकरीबन 36 लाख रुपये पर मतभेद बरकरार है। लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रवक्ता प्रो.एसके द्विवेदी का कहना है कि गणना में अन्तर आ रहा है, इसे ठीक करा दिया जाएगा। विद्यार्थियों की मार्कशीट मंगलवार से ही मिलने लगेंगी। गौरतलब है कि पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को जीरो फीस का लाभ दिया जाता है। इस बार भी लविवि ने सैकड़ों विद्यार्थियों को इससे लाभान्वित किया। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद भी शासन से इस मद का धन लविवि को नहीं दिया गया था। धनराशि न मिलने पर लविवि प्रशासन ने सभी विद्यार्थियों की मार्कशीट रोक ली थीं। सोमवार को शासन ने लविवि को फीस वापसी मद का धन दे दिया है। इसी के साथ ही विद्यार्थियों की अंकतालिकाओं का वितरण भी शुरू कर दिया जाएगा। धन को लेकर मतभेद जारी है। हालांकि प्रो.द्विवेदी का कहना है कि इससे विद्यार्थियों की अंकतालिकाओं को नहीं रोका जाएगा(दैनिक जागरण,लखनऊ,6.7.2010)।
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