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05 जुलाई 2010

बिहार कर्मचारी चयन आयोग की स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी

बिहार कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित स्नातक स्तरीय प्रथम प्रारंभिक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2010 दो चरणों प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा के रूप में संपन्न होगी। प्रारंभिक परीक्षा तीन खंडों में व मुख्य परीक्षा दो प्रश्न-पत्रों में विभक्त होगा। प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा दोनों वस्तुनिष्ठ एवं बहुविकल्पीय पर आधारित होगा। तैयारी प्रारंभिक परीक्षा की : प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य अध्ययन, सामान्य विज्ञान व गणित और मानसिक क्षमता से 50-50 प्रश्न पूछे जाएंगे। इन 150 प्रश्नों के लिए दो घंटा 15 मिनट का समय निर्धारित है। इसमें प्रत्येक सही उत्तर के लिए चार अंक व प्रत्येक गलत उत्तर के लिए एक अंक की कटौती की जाएगी। सामान्य अध्ययन से संबंधित प्रश्नों का उद्देश्य अभ्यर्थी के आसपास के वातावरण की सामान्य जानकारी तथा समाज में उनके अनुप्रयोग के संबंध में उसकी योग्यता की जांच करना होता है। साथ ही साथ, वर्तमान घटनाओं और दिन प्रतिदिन की घटनाओं के सूक्ष्म अवलोकन तथा उनके प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण जैसे मामलों की जानकारी संबंधी ऐसे प्रश्न भी शामिल किये जायेंगे, जिनके बारे में जानकारी रखने की किसी भी शिक्षित व्यक्ति से अपेक्षा की जाती है। इसके अंतर्गत भारतीय इतिहास, भूगोल, भारत का संविधान एवं राजनीति विज्ञान, समसामयिक घटनाएं, भारतीय अर्थव्यवस्था आदि से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। इस पर आधारित कुछ प्रश्न तथ्यपरक, कुछ मिलान पर आधारित, कुछ कारण-कथन वाले प्रश्न पूछे जाते हैं। इस तरह की प्रकृति वाले प्रश्न सभी विषयों से पूछे जाएंगे। अत: अभ्यर्थियों को यह सलाह दी जाती है कि सामान्य अध्ययन पर अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए यूनिक गाइड को आधार बनाएं । जो प्रश्न अवधारणात्मक हैं उसके लिए एनसीईआरटी या किसी मानक पुस्तक को आधार बनाएं। समसामयिक घटनाओं के अंतर्गत राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय तौर पर प्रदान किए जानेवाले पुरस्कार, आयोजित किये जाने वाले खेल एवं विजेता, महत्वपूर्ण पदों पर आसीन व्यक्ति, कला, साहित्य, विज्ञान आदि से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। अत: समसामयिक घटनाओं पर आधारित प्रश्नों की समग्र तैयारी हेतु समाचार पत्र एवं मानक पत्रिकाओं का गहन अध्ययन लाभप्रद सिद्ध होगा। साथ ही साथ इससे जुड़े सभी प्रश्नों के नोट्स स्वयं बनाएं ताकि अंतिम समय में आपको अधिक भटकना न पड़े। गणित से संख्या पद्धति, दशमलव, भिन्न संख्याओं के बीच परस्पर संबंध, मूलभूत अंक, प्रतिशत, अनुपात तथा समानुपात, औसत, ब्याज, लाभ और हानि आदि से प्रश्न पूछे जा सकते हैं। यह अपेक्षा की जाती है कि सभी प्रश्नों के सही-सही उत्तर कम से कम समय में दें और यहीं पर काम आती है वे सारी तकनीकें और ट्रिक्स जो शार्टकट तरीके से मंजिल तक पहुंचाती है। इसके लिए सदैव सावधानीपूर्वक अभ्यास करके कोई भी परीक्षार्थी अपने आपको एक उपयुक्त गतिपयोगी बना सकता है। गणित से संबंधित प्रश्नों को हल करते समय हमेशा शुद्धता व शीघ्रता का ध्यान विशेष तौर पर देना चाहिए। साथ ही साथ किसी स्तरीय पुस्तक में दिए गए सेट्स, माडल प्रश्न को निर्धारित समय में अभ्यास अवश्य करें। मानसिक क्षमता की बात करें तो इसके नाम से ही स्पष्ट है कि यह अभ्यर्थी के मस्तिष्क योग्यता को आंकता है। इसके अंतर्गत भाषिक और अभाषिक तथा तार्किक पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं, जिसमें सादृश्य परीक्षण, समानता एवं भिन्नता समस्या समाधान, गणितीय समस्या, विश्लेषण, दृश्य स्मृति, विभेद कूट लेखन एवं कूट व्याख्या आदि से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे। इस खंड में सभी प्रश्नों के सही- सही उत्तर देने के लिए जरूरी है कि अंग्रेजी वर्णमाला उल्टे-सीधे दोनों तरह से क्रम के साथ कंठस्थ होने चाहिए। आजकल भाषिक बुद्धि परीक्षण के स्वरूप में काफी विविधता देखने को मिलती है। प्रश्नों के स्वरूप में काफी विविधता आने से सामान्य बुद्धि के प्रश्न अनेक प्रकार से पूछे जाते हैं। इस परीक्षा में सफलता लिए तैयारी योजनाबद्ध तरीके से करनी चाहिए। साथ ही, निर्धारित अवधि में प्रश्नों को हल करने का निरंतर अभ्यास जरूरी है(सुजीत कुमार,दैनिक जागरण,पटना,5.7.2010)

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