इंडियन स्कूल ऑफ माइंस का रीजनल सेंटर अब मध्यप्रदेश में नहीं खुलेगा। तत्कालीन केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह ने डेढ़ साल पहले कोयला खदानों से भरपूर और पॉवर हब बन रहे सिंगरौली में यह सेंटर मंजूर किया था। राज्य सरकार ने इसके लिए जमीन भी आरक्षित करा दी थी। अब मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल ने यह अध्ययन केंद्र खोलने से इंकार कर दिया है।
झारखंड के धनबाद में स्थित इंडियन स्कूल ऑफ माइंस अंग्रेजों के जमाने में स्थापित किया गया राष्ट्रीय स्तर का प्रतिष्ठित संस्थान है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधीन इस संस्थान में माइनिंग फील्ड के विशेष पाठयक्रम संचालित होते हैं। करीब डेढ़ साल पहले तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री अजरुन सिंह की पहल पर इस स्कूल का क्षेत्रीय अध्ययन केंद्र सिंगरौली में खोलने का निर्णय लिया गया था।
इससे मप्र में राष्ट्रीय स्तर का शिक्षा केंद्र खुलने की उम्मीद बनी थी। राज्य सरकार ने भी इस मामले में त्वरित कार्रवाही करते हुए भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। इसके लिए भूमि का आरक्षण भी कर दिया गया था। क्षेत्रीय संस्थान खोलने का निणय लिया था जिस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सिंगरौली में इस संस्थान के लिये भूमि भी आरक्षित करा दी थी।
मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक मानव संसाधन विकास मंत्री श्री सिब्बल ने मप्र सरकार को भेजे पत्र में बताया है कि अब सिंगरौली में क्षेत्रीय अध्ययन केंद्र नहीं खोला जाएगा। इससे पूर्व केन्द्रीय वस्त्र मंत्रालय राजधानी भोपाल से इंस्टीटच्यूट आफ फैशन डिजाइन छीन चुका है। हालांकि यह इंस्टीटयूट अब ग्वालियर में बनना प्रस्तावित है जिसके लिये वहां भूमि भूमि आरक्षित की गई है(सतीश आलिया,दैनिक भास्कर,भोपाल,4.7.2010)।
झारखंड के धनबाद में स्थित इंडियन स्कूल ऑफ माइंस अंग्रेजों के जमाने में स्थापित किया गया राष्ट्रीय स्तर का प्रतिष्ठित संस्थान है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधीन इस संस्थान में माइनिंग फील्ड के विशेष पाठयक्रम संचालित होते हैं। करीब डेढ़ साल पहले तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री अजरुन सिंह की पहल पर इस स्कूल का क्षेत्रीय अध्ययन केंद्र सिंगरौली में खोलने का निर्णय लिया गया था।
इससे मप्र में राष्ट्रीय स्तर का शिक्षा केंद्र खुलने की उम्मीद बनी थी। राज्य सरकार ने भी इस मामले में त्वरित कार्रवाही करते हुए भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। इसके लिए भूमि का आरक्षण भी कर दिया गया था। क्षेत्रीय संस्थान खोलने का निणय लिया था जिस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सिंगरौली में इस संस्थान के लिये भूमि भी आरक्षित करा दी थी।
मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक मानव संसाधन विकास मंत्री श्री सिब्बल ने मप्र सरकार को भेजे पत्र में बताया है कि अब सिंगरौली में क्षेत्रीय अध्ययन केंद्र नहीं खोला जाएगा। इससे पूर्व केन्द्रीय वस्त्र मंत्रालय राजधानी भोपाल से इंस्टीटच्यूट आफ फैशन डिजाइन छीन चुका है। हालांकि यह इंस्टीटयूट अब ग्वालियर में बनना प्रस्तावित है जिसके लिये वहां भूमि भूमि आरक्षित की गई है(सतीश आलिया,दैनिक भास्कर,भोपाल,4.7.2010)।
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