उमरिया जिला मध्यप्रदेश का पहला जिला बनने जा रहा है जहां की आंगनबाड़ी के चालीस हजार बच्चे गुलाबी शर्ट और कत्थई पैंट पहनेंगे। जिला प्रशासन ने इसके लिए 15 अगस्त तक का वक्त तय किया है। इसमें करीब 40 लाख रुपए का खर्च आएगा। जिला प्रशासन यह राशि लोगों की जनभागीदारी से जुटाएगा।
प्रदेश के आंगनबाड़ी में आने-वाले बच्चों के लिए कोई ड्रेस कोड नहीं बना है न उन्हें ड्रेस दिए जाने का राज्य शासन का कोई प्रावधान है। बावजूद इसके जिला प्रशासन बच्चों को गुलाबी रंग से रंगना चाहता है। कलेक्टर एस. एस. कुमरे और जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुभद्रा मानिकपुरी चाहती है कि जनभागीदारी से आंगनबाड़ी के बच्चों को गुलाबी रंग की शर्ट एवं कत्थई रंग की पैंट दिलाएंगे। यदि यह कोशिश कामयाब रही तो उमरिया प्रदेश का पहला ऐसा जिला होगा, जहां की आंगनबाड़ी के बच्चे साफ-सुथरे कपड़े पहनेंगे।
अपनी योजना का खुलासा करते हुए जिला कलेक्टर एस.एस. कुमरे ने भास्कर को बताया कि मैं लगातार आंगनबाड़ियों का दौरा करता रहा हूं। अधिकांश आंगनबाड़ियों में बच्चे गंदे, फटे कपड़े पहनकर आते हैं। बस इसे देखकर मुझे लगा कि यदि हम बच्चों को ड्रेस देने में सफल रहे तो काफी बड़ी कामयबी रहेगी। आंगनबाड़ी के बच्चों को गणवेश देने के पीछे श्री कुमरे का तर्क है कि ऐसा करने से अमीर-गरीब, ऊंच-नीच का भेद मिटेगा और आंगनबाड़ी केन्द्र का माहौल बदलेगा। बच्चों की आंगनबाड़ी केन्द्र जाने व रहने में रुचि बढ़ेगी।
कुमरे ने इसके लिए पहले दस आंगनबाड़ी केन्द्रों को चुना है। उन्होंने यहां अपने खर्चे पर बच्चों को ड्रेस बांटने की घोषणा की है। इनके अलावा जिला महिला बाल विकास अधिकारी ने पांच आंगनबाड़ी केन्द्रों में वे स्वयं अपनी ओर से और 26 आंगनबाड़ी केन्द्रों में अपने विभाग के अन्य अधिकारियों एवं आंगनबाड़ी सुपरवाइजरों की ओर गणवेश प्रदान करेंगी।
उल्लेखनीय है कि उमरिया जिले में कुल 643 आंगनबाड़ी केन्द्र एवं 76 उप आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित हैं। जिनमें तकरीबन 40 हजार बच्चे दर्ज हैं। इन बच्चों को गणवेश प्रदान करने में प्रति बच्चे पर सौ रूपये के मान से कुल 40 लाख रूपये का खर्च आएगा। गैरसरकारी स्तर पर इतनी बड़ी राशि जुटाना आसान नहीं। किंतु इसके पूर्व जनभागीदारी से लाइफ लाइन चलित अस्पताल शिविर जैसे मेगा प्रोजेक्ट को सफल कर चुके कलेक्टर एस. एस. कुमरे को यह राशि बड़ी नहीं लगती। उन्हें लगता है समाज में अच्छे प्रयासों को सफल बनाने के लिए सहयोग करने वाले लोगों की कमी नहीं(आशीष महर्षि,दैनिक भास्कर,भोपाल,21.7.2010)।

... sundar post !!!
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