मुख्य समाचारः

सम्पर्कःeduployment@gmail.com

21 जुलाई 2010

आरटीआई की जानकारी स्पीड पोस्ट से भेजना अब जरूरी

सरकारी महकमों को सूचना के अधिकार कानून के तहत मांगी गई कोई भी जानकारी अब स्पीड पोस्ट के माध्यम से देनी होगी। इस आशय का एक आदेश केंद्रीय सूचना आयुक्त शैलेश गांधी ने एक मामले में दायर अपील की सुनवाई करने के दौरान दी है। उन्होंनें यह आदेश आरटीआई एक्ट की धारा 25 (5) के तहत जारी किया है। इससे वांछित जानकारी मांगने वाले को सूचना देने के मामले में अधिकारियों के टालमटोल रवैये पर भी अंकुश लगेगा। ज्ञात हो कि अभी तक संबंधित महकमे का अधिकारी साधारण डाक के माध्यम से वांछित जानकारी भेजकर अपने दायित्वों की खानापूर्ति कर लेता था। ऐसे में कभी-कभी आवेदक तक डाक पहुंचती ही नहीं थी। फिर भी संबंधित अधिकारी अपनी जवाबदेही नहीं मानता था। बाहरी दिल्ली के खेड़ा कलां गांव निवासी राजेश कुमार ने भी 27 जुलाई 2009 को नरेला के एसडीएम कार्यालय से आरटीआई के माध्यम से गांव में बीस सूत्री कार्यक्रम के तहत आवंटित जमीन पर अवैध कब्जे के विषय में जानकारी मांगी थी। लेकिन वहां से निर्धारित अवधि के भीतर कोई जानकारी नहीं मिली। राजेश ने कंझावला के उपायुक्त कार्यालय में मामले की प्रथम अपील दायर की। यहां भी क्या कार्रवाई की गई, इसकी जानकारी उन्हें नहीं मिली। थक-हारकर 14 जून को उन्होंने केंद्रीय सूचना आयोग की शरण ली(संजय सलिल,दैनिक जागरण,दिल्ली,21.7.2010)।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।