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20 जुलाई 2010

उर्दू भी सीखें जनाब

उर्दू अदब की भाषा है। इसका जन्म अरबी, फारसी तथा हिन्दुस्तानी भाषाओं के आपसी मेलजोल से हुआ है। जो इस उपमहाद्वीप की सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक जरूरतों की वजह से परवान चढ़ी। यह एक जबान ही नहीं है, एक संस्कृति भी है, जिसने हर दौर में अपने होने का अहसास कराया है। यह अहसास आज भी जिंदा है, जो इसे सीखने और बोलने के लिए आकर्षित करता है।

शेरोशायरी की मिठास और शहंशाहों के हुकूमती अंदाज से सजी उर्दू आम आदमी को आकर्षित तो करती है, पर इसकी जानकारी न होने के कारण वे पूरी तरह से इसका लुत्फ नहीं उठा पाते। लोगों को उर्दू सिखाने के लिए सरकारी व कुछ निजी संस्थाएं आगे आकर कार्य कर रही हैं। वे उर्दू सर्टिफिकेट कोर्स पार्ट टाइम और पत्रचार के माध्यम से सिखा रही हैं। इससे उर्दू की जानकारी के साथ-साथ करियर के मुकाम भी खुल रहे हैं।

पाठयक्रम : उर्दू सर्टिफिकेट कोर्स एक वर्षीय कोर्स है, जो मुख्य रूप से तीन भागों में विभाजित करके पढ़ाया जाता है। प्रथम भाग में उर्दू वर्णमाला, मात्रओं और मूलभूत आधारों से परिचित कराया जाता है। लिखने के तरीके से अवगत कराना प्रथम भाग से ही शुरू होता है। द्वितीय भाग में कहानियां, कविताएं, प्रार्थना पत्रों के लिखने के बारे में बताया जाता है, ताकि उर्दू पढ़ने वाले उर्दू के कवियों, लेखकों को समझ सकें। तृतीय भाग में पुराने और आधुनिक लेखकों द्वारा लिखित लेखों, निबन्धों इत्यादि के प्रश्न-उत्तर के माध्यम से पढ़ाया जाता है।

शैक्षिक योग्यता : उर्दू सार्टिफिकेट कोर्स के लिए आवेदक को 10+2 उत्तीर्ण होना आवश्यक है। कुछ संस्थाओं में प्रवेश के लिए उम्मीदवारों को सिर्फ अंग्रेजी या हिन्दी पढ़ना आना चाहिए, वही उनके लिए योग्यता होती है। जामिया मिल्लिया इस्लामिया में प्रवेश के लिए उम्मीदवार को अंग्रेजी या हिन्दी पढ़ना और लिखना आना चाहिए।

पाठयक्रम शुल्क : जामिया मिल्लिया इस्लामिया उम्मीदवार से रजिस्ट्रेशन के तौर पर 100 रुपये लेती है। उर्दू अकादमी दिल्ली बिल्कुल नि:शुल्क कोर्स करवाती है और अपने यहां से दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा मान्यताप्राप्त उर्दू सर्टिफिकेट कोर्स का प्रमाण पत्र भी देती है। कुछ संस्थाएं नाममात्र की फीस लेती हैं।

प्रवेश प्रक्रिया : जामिया मिल्लिया इस्लामिया में कोई भी उम्मीदवार पूरे वर्ष कभी भी प्रवेश ले सकता है। उर्दू अकादमी यह प्रवेश प्रक्रिया आयोजित करती है।

लाभ : उर्दू सीखने के उपरान्त आप हिन्दी और अंग्रेजी में प्रयोग होने वाले अनेक अक्षरों के शुद्ध उच्चरण को समझ सकते हैं। एक नई भाषा सीखते हैं, जिसके आधार पर आप उर्दू डिप्लोमा भी कर सकते हैं। पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए यह भाषा जानना अत्यन्त आवश्यक है। इससे आप उर्दू पत्रकारिता से भी जुड़ने का अवसर पा सकते हैं।
सैयद परवेज

उर्दू सिखाने वाली कुछ प्रमुख संस्थाएं

1.जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली
2.उर्दू अकादमी, दिल्ली, पुराना सचिवालय, कश्मीरी गेट (आईएसबीटी के पास), दिल्ली।
3.जमिऐत उलेमा-ए-हिन्द, बहादुरशाह जफर मार्ग, नई दिल्ली-110002
4.अंजुमन तरक्की उर्दू (हिन्द), उर्दू घर -212 रोज एवेन्यू नई दिल्ली
5.कौमी काउन्सिल बराए-फरोग-ए-उर्दू, फरोग-ए-उर्दू-भवन, एफ सी- 33/9, इंस्टीटय़ूशनल एरिया, जसौला, नई दिल्ली(सैयद परवेज़,नई दिशाएं,हिंदुस्तान,दिल्ली,20.7.2010)

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