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01 जुलाई 2010

उत्तरप्रदेशःस्थायी होंगे पांच हजार शिक्षक

माध्यमिक विद्यालयों में उपेक्षा की नजर से देखे जा रहे व्यावसायिक शिक्षक और ट्रेड कोर्स कर नौकरी के लिए भटक रहे युवाओं के दिन बहुरने वाले हैं। मानदेय पर पढ़ा रहे पांच हजार व्यावसायिक शिक्षकों की नौकरी पक्की होने जा रही जबकि लगभग १४ हजार रिक्त पदों पर योग्यता के अनुरूप नई भर्तियां होंगी।

माध्यमिक शिक्षा विभाग ने मानदेय शिक्षकों को विनियमित करने और रिक्तियों पर भर्ती का प्रारूप तैयार कर वित्त विभाग को सौंप दिया है। शासन ने व्यावसायिक शिक्षकों की सेवा नियमावली तैयार कर ली है और शिक्षा निदेशालय से विषय तथा पद के अनुरूप योग्यता निर्धारण का ब्योरा भी मंगा लिया है। सेवा नियमावली और योग्यता निर्धारण में लगे अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही मुख्यमंत्री मायावती व्यावसायिक शिक्षकों के लिए तोहफे के तौर पर इसकी घोषणा कर सकती हैं।

शासन के निर्देश पर माध्यमिक शिक्षा परिषद और निदेशालय ने अलग-अलग टे्रड के लिए सहायक अध्यापकों और प्रवक्ताओं की योग्यता निर्धारित की है। प्रदेश में इस समय लगभग पांच हजार शिक्षक हैं जो लंबे समय से विनियमितीकरण का इंतजार कर रहे हैं। निदेशालय के सूत्रों के मुताबिक दो दिन पहले योग्यता निर्धारण की फाइल मंगाई गई थी। मंगलवार को माध्यमिक शिक्षा विभाग कैंप कार्यालय में बैठक हुई जिसमें निदेशालय के तीन बड़े अधिकारी शामिल हुए। निदेशक ने योग्यता निर्धारण के सभी बिन्दुओं पर चर्चा की। बैठक में ही यह जानकारी दी गई कि सेवा नियमावली को संस्तुति मिल गई है। योग्यता निर्धारण की फाइल के साथ उसे वित्त विभाग को सौंप दिया गया है।

अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश व्यावसायिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष तेजबहादुर सिंह के साथ बैठक कर उनसे भी सेवा नियमावली और योग्यता निर्धारण के बिन्दुओं पर चर्चा की। बैठक में शामिल निदेशालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वित्त विभाग सेवा नियमावली के आधार पर सहायक अध्यापक और प्रवक्ताओं का वेतनमान तय करेगा। तैयारी है कि घोषणा के २५ दिन के भीतर विनियमितीकरण और ४५ दिन में नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।

स्नातक के साथ डिप्लोमा जरूरी
माध्यमिक शिक्षा परिषद और निदेशालय ने जो योग्यता निर्धारित की है, उसके मुताबिक ज्यादातर ट्रेड के लिए स्नातक के साथ डिप्लोमा अनिवार्य किया गया है। प्रवक्ता पदों के लिए परास्नातक के साथ डिप्लोमा अनिवार्य किया गया है। डिग्री वालों को सभी ट्रेड और पदों के लिए वरीयता दी जाएगी(कुलदीप,अमर उजाला,इलाहाबाद,1.7.2010)।

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