उद्योग जगत की यह अक्सर शिकायत रहती है कि उन्हें जिस तरह काम के बंदे चाहिए वैसे विश्वविद्यालय तैयार नहीं कर रहा है। इसलिए स्नातक की डिग्री लेकर छात्र इधर उधर काम की तलाश में चक्कर काटते रहते हैं। उद्योग जगत की कार्यशैली में फिट बैठने वाले छात्र तैयार करने के लिए ही दिल्ली विश्वविद्यालय ने नैसकॉम की मदद से नया कोर्स तैयार किया है। ग्लोबल बिजनेस फाउंडेशन स्किल कोर्स नाम से यह कोर्स उद्योग जगत में काम करने के लिहाज से दक्ष छात्र तैयार करेगा। कोर्स पूरा करने वाले छात्रों को उद्योग जगत अपने यहां नौकरी में प्राथमिकता भी देंगे।
विवि में कोर्स अगले माह से छात्रों के लिए विधिवत शुरू हो जाएगा। यह पांच कॉलेजों में चलेगा। इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ लौंग लर्निंग के निदेशक प्रो एके बख्शी ने बताया कि यह कोर्स उद्योग जगत की कार्यशैली के बारे में छात्रों को जागरूक करेगा। कस्टमर के साथ संबंध स्थापित करने और बिजनस कम्युनिकेशन स्किल का हुनर सिखाएगा। कोर्स में छात्रों को कंप्यूटर की भी जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही कैंपस और कॉरपोरेट जगत की जिन्दगी में क्या फर्क है इस बारे में बताया जाएगा।
प्रो बख्शी के मुताबिक इस कोर्स में विवि के उन्हीं छात्रों को दाखिला मिलेगा जो स्नातक अंतिम वर्ष में हैं या कोर्स पूरा करके एमए की पढ़ाई कर रहे हैं। दाखिला पहले आओ पहले पाओ के आधार मिलेगा। कोर्स में करीब ३५ सीटें होंगी और इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में पांच कॉलेजों में चलाया जाएगा। ये कॉलेज हैं दीनदयाल उपाध्याय, एसजीटीबी खालसा, मैत्रेयी, वेंकटेश्वर और कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज। कोर्स को ६०-६० घंटे की क्लास में बांटा गया है। इसे दो चरणों में पूरा कराया जाएगा। पहला अगस्त से अक्तूबर तक होगा और दूसरा जनवरी से मार्च तक। इसके बाद छात्रों को आईएलएलएल और नैसकॉम द्वारा संयुक्त प्रमाणपत्र मिलेगा।
अगस्त माह में इसमें दाखिले का काम पूरा किया जाएगा। प्रो बख्शी के मुताबिक देश के शिक्षण संस्थानों में अपने तरह का यह अनूठा कोर्स होगा और विवि में इसे पहली बार शुरू किया जा रहा है। इसके अलावा आईएलएलएल रिसर्च करने वाले छात्रों के लिए एक और कोर्स शुरू करेगा। इस कोर्स का नाम है इंफोर्मेशन लिटरेसी फोर रिसर्च कंपीटेंसी। यह दिल्ली विवि के रिसर्च स्कॉलर के लिए होगा। इसमें शोध किस स्तर तक हुआ है और इसे कहां से शुरू करना है जैसी चीजों के बारे में बताया जाएगा। ६० घंटे के इस कोर्स में भी दाखिला अगले माह से शुरू होगा(अनुपम कुमार,नई दुनिया,दिल्ली,4.7.2010)।
विवि में कोर्स अगले माह से छात्रों के लिए विधिवत शुरू हो जाएगा। यह पांच कॉलेजों में चलेगा। इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ लौंग लर्निंग के निदेशक प्रो एके बख्शी ने बताया कि यह कोर्स उद्योग जगत की कार्यशैली के बारे में छात्रों को जागरूक करेगा। कस्टमर के साथ संबंध स्थापित करने और बिजनस कम्युनिकेशन स्किल का हुनर सिखाएगा। कोर्स में छात्रों को कंप्यूटर की भी जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही कैंपस और कॉरपोरेट जगत की जिन्दगी में क्या फर्क है इस बारे में बताया जाएगा।
प्रो बख्शी के मुताबिक इस कोर्स में विवि के उन्हीं छात्रों को दाखिला मिलेगा जो स्नातक अंतिम वर्ष में हैं या कोर्स पूरा करके एमए की पढ़ाई कर रहे हैं। दाखिला पहले आओ पहले पाओ के आधार मिलेगा। कोर्स में करीब ३५ सीटें होंगी और इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में पांच कॉलेजों में चलाया जाएगा। ये कॉलेज हैं दीनदयाल उपाध्याय, एसजीटीबी खालसा, मैत्रेयी, वेंकटेश्वर और कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज। कोर्स को ६०-६० घंटे की क्लास में बांटा गया है। इसे दो चरणों में पूरा कराया जाएगा। पहला अगस्त से अक्तूबर तक होगा और दूसरा जनवरी से मार्च तक। इसके बाद छात्रों को आईएलएलएल और नैसकॉम द्वारा संयुक्त प्रमाणपत्र मिलेगा।
अगस्त माह में इसमें दाखिले का काम पूरा किया जाएगा। प्रो बख्शी के मुताबिक देश के शिक्षण संस्थानों में अपने तरह का यह अनूठा कोर्स होगा और विवि में इसे पहली बार शुरू किया जा रहा है। इसके अलावा आईएलएलएल रिसर्च करने वाले छात्रों के लिए एक और कोर्स शुरू करेगा। इस कोर्स का नाम है इंफोर्मेशन लिटरेसी फोर रिसर्च कंपीटेंसी। यह दिल्ली विवि के रिसर्च स्कॉलर के लिए होगा। इसमें शोध किस स्तर तक हुआ है और इसे कहां से शुरू करना है जैसी चीजों के बारे में बताया जाएगा। ६० घंटे के इस कोर्स में भी दाखिला अगले माह से शुरू होगा(अनुपम कुमार,नई दुनिया,दिल्ली,4.7.2010)।
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