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05 जुलाई 2010

पंजाब विश्वविद्यालयःटीचरों को पास करनी होगी पीएचडी एंट्रेंस

पंजाब यूनिवर्सिटी में जिन टीचरों की पीएचडी नहीं है, उन्हें भी अब पीएचडी के लिए छात्रों की तरह एंट्रेंस टेस्ट देना होगा। यही नहीं, इन टीचरों को एंट्रेंस पास करने के बाद स्टूडंेट्स साथ ही फंडामेंटल कोर्स भी करना पड़ेगा। इसके साथ ही यूनिवर्सिटी में पीएचडी करने के लिए गाइड ढूंढ रहे छात्रों को भी शायद राहत मिल जाए। अब पीएचडी के लिए यूनिवर्सिटी का कोई भी टीचर 6 की जगह 8 स्टूडेंट्स को अपने पास एन्रोल कर सकता है। पीयू सिंडिकेट की पिछले दिनों हुई बैठक में यह निर्णय लिए गए हैं। यह निर्णय यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) की 28 जून को जारी नई गाइडलाइंस के तहत लिए गए हैं।

यूनिवर्सिटी में कई टीचर ऐसे भी हैं जो यूजीसी का नेशनल इलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट) पास करके टीचर बन गए है। यह टीचर नियुक्ति के बाद पीएचडी करने के लिए एन्रोल होते थे। इन टीचरों को एन्रोलमेंट के लिए छात्रों की तरह एंट्रेंस टेस्ट नहीं देना पड़ता था। लेकिन पिछले महीने यूजीसी की नई गाइडलाइंस के हिसाब से टीचरों को भी एंट्रेंस टेस्ट पास करना होगा।

एंट्रेंस टेस्ट पास करने के बाद टीचरों को 6 महीने का फंडामेंटल कोर्स करना पड़ेगा। यानी लगभग एक सेमेस्टर के बाद इन टीचरों को तीन पेपर पास करने होंगे। एक पेपर रिसर्च मैथेडोलॉजी का होगा,2 पेपर संबंधित डिपार्टमेंट का बोर्ड ऑफ कंट्रोल बनाएगा। इन पेपरों के आधार पर ही तय होगा कि उम्मीदवार पीएचडी करने में सक्षम है या नहीं(दैनिक भास्कर,चंडीगढ़,5.7.2010)।

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