मुंबई के उपनगरीय इलाके ठाणे के एक स्कूल में विद्यार्थियों ने भूख हड़ताल कर दी है, क्योंकि अध्यापकों के अभाव में वे पढ़ नहीं पा रहे हैं। इस सरकारी स्कूल में 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए कोई नहीं है। भूख हड़ताल कर रहे बच्चों ने मराठी तख्तियां लगा रखी है अम्हाला खायला नको, शिक्षण हवे (हमें भोजन नहीं, शिक्षा चाहिए)। मुंबई से 90 किमी दूर कंबलगांव में सरकारी एकलव्य रेजीडेंशियल स्कूल के 12वीं कक्षा के 25 विद्यार्थी गुरुवार से भूख हड़ताल पर हैं। इनमें 10 लड़कियां हैं। ये बच्चे शिक्षकों और बेहतर शिक्षा के ढांचागत सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। भूख हड़ताल कर रहे एक छात्र प्रदीप तंजारा ने बताया, सीबीएसई का सत्र 12 जून से ही शुरू हो गया है। लेकिन अंग्रेजी को छोड़कर अन्य विषयों को पढ़ाने के लिए यहां कोई शिक्षक नहीं है। एक अन्य छात्र संजय पडवले ने कहा, हम लोग स्कूल के प्राध्यापक से कह चुके हैं कि हमें सभी विषयों को पढ़ाने वाले अध्यापक चाहिए। लेकिन हमारी सुनने वाला यहां कोई नहीं(दैनिक जागरण,राष्ट्रीय संस्करण,6.7.2010)।
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