दिल्ली विश्वविद्यालय, जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय और इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय में दाखिले की उम्मीद खत्म होने के बाद दिल्ली के हजारों छात्रों की निगाहें अब डीयू के ओपन स्कूल और दिल्ली के बाहर स्थित सरकारी विश्वविद्यालयों के डिस्टेंस लर्निग पर टिक गई है। राजधानी में ही अकेले 12वीं पास बच्चों की संख्या ढाई लाख से ऊपर है। डीयू में 54 हजार सीटों पर देश भर के छात्रों का दाखिला होता है। जेएनयू और जामिया को मिलाकर सीटों की संख्या करीब 25 हजार है और इन दोनों जगहों पर भी बीए, बीकॉम, बीएससी आदि कोर्स में दाखिला देश भर के छात्रों को दिया जाता है। ऐसे में हर साल बड़ी संख्या में राजधानी के छात्रों को डीयू, जेएनयू, जामिया और आईपी में दाखिला नहीं मिल पाता है। डीयू के ओपन स्कूल के अलावा राजधानी में पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी, कर्नाटक स्टेट यूनिवर्सिटी, महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी आदि विश्वविद्यालयों ने अपने-अपने स्टडी सेंटर खोल रखे हैं। इनमें बीए, बीएससी, बीकॉम के अलावा प्रोफेशनल कोर्स बीबीए, बीसीए, बीएससी आईटी, बीटेक, एमएससी आईटी, एमटेक, एमबीए, एमसीए, एमए, एमकॉम, एमएससी आदि में दाखिले डिस्टेंस लर्निग कोर्स के तहत दिए जा रहे हैं। इन सरकारी विश्वविद्यालयों से डिस्टेंस लर्निग से प्रोफेशनल कोर्स करके छात्र भी उत्साहित हैं। इनकी ओर से राजधानी में स्टडी सेंटर और लैब भी बनाया गया है, जहां पर पढ़ाई भी होती है। प्रोफेशनल कोर्स की फीस भी छात्रों के बजट में होती है। पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी और कर्नाटक स्टेट यूनिवर्सिटी के राजधानी में रीजनल सेंटर वाइस का संचालन करने वाले राजन चोपड़ा ने बातचीत में कहा कि उनके पास अकेले राजधानी के ऐसे 50 हजार छात्र हैं, जो अगल-अलग प्रोफेशनल कोर्स में दाखिला लेकर डिस्टेंस लर्निग से पढ़ाई कर रहे हैं। उनका कहना है कि राजधानी में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की कमी से डिस्टेंस लर्निग का क्रेज हाल के वर्षो में काफी बढ़ा है। डीयू के स्टूडेंट वेलफेयर डिप्टी डीन डॉ. गुरप्रीत सिंह टुटेजा का कहना है कि जिन छात्रों को डीयू, जामिया और आईपी में पारंपरिक और प्रोफेशनल कोर्स में दाखिला नहीं मिल पाता है, वे डीयू के स्कूल आफ ओपन लर्निग में दाखिला लें। जिन छात्रों को प्रोफेशनल कोर्स बीबीए, बीसीए आदि जैसे प्रोफेशनल करने हैं तो दिल्ली के बाहर के सरकारी विश्वविद्यालयों के डिस्टेंस लर्निग में जरूर दाखिला ले लें। यह जरूर देख लें कि उन विश्वविद्यालयों को यूजीसी और डिस्टेंस काउंसिल से मान्यता प्राप्त हो(दैनिक जागरण,दिल्ली,28.7.2010)।
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