रैगिंग से निबटने के लिए डीयू प्रशासन ने इस बार साफ कर दिया है कि बिना शपथपत्र के एक भी छात्र को कैम्पस में नहीं रहने दिया जाएगा। प्रशासन की ओर से रैगिंग कंट्रोल के लिए जारी उपायों के तहत कॉलेजों को सख्त आदेश जारी कर कहा गया है कि वह अपने यहां दाखिला लेने वाले सभी नए-पुराने छात्रों से रैगिंग सम्बंधी शपथपत्र ले लें। इतना ही नहीं ऐसे छात्रों की सूची भी कॉलेज तैयार करें, जिन्होंने अभी तक शपथपत्र नहीं दिया है।
डीयू के डिप्टी प्रॉक्टर डा. ओमपाल सिंह ने बताया कि डीयू में 21 जुलाई से नया सत्र शुरू होने जा रहा है। नए सत्र को ध्यान में रखते हुए डीयू प्रशासन इन दिनों रैगिंग कंट्रोल की तैयारी में जुटा है, ताकि नए छात्र जहां बिना किसी डर के कैम्पस पहुंचे। उन्होंने बताया कि रैगिंग के रोग से नए छात्रों को बचाने के लिए डीयू में लगातार बैठकों का दौर जारी है और कॉलेजों को आए-दिन नए-नए दिशा-निर्देश व एहतियाती कदम उठाने के लिए कहा जा रहा है। हाल में डीयू प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के बीच एक बैठक हुई। जिसमें तय किया गया कि नए सत्र के दौरान डीयू कैंपस की सुरक्षा डीयू के निजी सुरक्षाकर्मियों के साथ-साथ दिल्ली पुलिस के हाथों में भी रहेगी।
डीयू के डिप्टी प्रॉक्टर डा. ओमपाल सिंह ने बताया कि डीयू प्रशासन ने सभी कॉलेजों को दिशा-निर्देश दिए थे कि वे अपने यहां रैगिंग के संबंध में छात्रों से शपथपत्र जरूर लें। उन्होंने बताया हाल ही में जब कॉलेजों से यूजीसी की ओर से लागू रैगिंग सम्बंधी शपथपत्र के संबंध में चर्चा की गई तो पता चला है कि कुछ नए- पुराने छात्रों ने अब तक शपथपत्र नहीं दिया है। लिहाजा, कॉलेजों को साफ दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने उन छात्रों की लिस्ट तैयार करें, जिन्होंने रैगिंग के संबंध में शपथपत्र नहीं दिए है। उन्होंने कहा कि रैगिंग एक अपराध है, इसीलिए प्रशासन ने शपथपत्र के जरिए यह सुनिश्चित करने का फैसला किया था कि छात्र इस अपराध में लिप्त न हों।
शपथपत्र में दो टूक छात्रों से लिखित तौर पर लिया जाता है कि यदि वह ऐसी किसी गतिविधि में लिप्त पाया जाता है तो उसका दाखिला रद्द कर दिया जाए। यानी जो छात्र इस अनिवार्यता को पूरा करने में आनाकानी कर रहे हैं, वह आने वाले सत्र में किसी न किसी अनुचित हरकत को अंजाम दे सकते है सो प्रशासन जरा भी जोखिम नहीं उठाना चाहता है। बस इसी बात को ध्यान में रखते हुए ऐसे छात्रों की पहचान की जा रही है और यदि जल्द ही शपथपत्र नहीं आता है तो अगली कार्रवाई दाखिला रद्द करने की होगी(दैनिक भास्कर,दिल्ली,19.7.2010)।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।