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06 जुलाई 2010

फॉरेंसिक साइंस में भविष्य

देश में टेक्नोलाजी के फील्ड में हो रहे विकास से सुविधाओं के साथ-साथ अपराध भी बढ़ रहे हैं। यही कारण है कि अपराधों की छानबीन करने के क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। यदि आपकी रुचि अपराधों की जांच पड़ताल में है तथा आप उच्च स्तरीय जांच करने की क्षमता रखते हैं तो आपके लिए फोरेंसिक साइंस का कोर्स करना काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। क्या है फोरेंसिक साइंस? फोरेंसिक साइंस वैधानिक समस्याओं के निराकरण की एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है। इस विज्ञान में अपराधों को सुलझाने के लिए प्रमाणों का एकत्रीकरण, परीक्षण एवं प्रस्तुतीकरण शामिल है। फोरेंसिक साइंस किसी घटना से संबंधित सुरागों को नवीनतम तकनीकी उपकरणों के माध्यम से प्रमाण में परिवर्तित करता है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर जांच एजेंसी या कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है। कार्य की प्रकृति : फोरेंसिक साइंस से संबंधित कोर्स करने वाले अभ्यर्थियों को अपराध जांच हेतु तकनीकी अध्ययन एवं प्रशिक्षण दिया जाता है। आज इंफारर्मेशन टेक्नोलाजी वाले इस युग में अपराध के तरीकों में भी बदलाव आया है। ऐसे में इस क्षेत्र में काम करने वाले व्यक्ति के समक्ष चुनौतियां भी बढ़ी हैं। इस विज्ञान में प्रयोगशाला चिकित्सा जांच और क्षेत्र सेवाओं से संबंधित कार्य करना पड़ता है, जिसमें टोक्सिकोलाज, फिंगरपिं्रट, साइकेट्री, साइकोलाजी, पैथोलाजी, डेंटिस्ट्री इत्यादि शामिल हैं। योग्यता व कोर्स : फोरेंसिक साइंस में मास्टर डिग्री करने के लिए आपको विज्ञान विषय के साथ स्नातक उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। यह दो वर्ष का होता है। कुछ संस्थान फोरेंसिक साइंस में सर्टिफिकेट कोर्स भी कराते हैं जिसकी अवधि एक वर्ष होती है। इस क्षेत्र में कैरियर बनाने की इच्छा रखने वाले व्यक्ति के पास कुछ विशिष्ट गुण अवश्य होना चाहिए। जैसे-सूक्ष्म दृष्टिकोण, टीम भावना, देर तक काम करने की क्षमता, इंस्पेक्शन स्किल इत्यादि। संभावनाएं : अपराध के बढ़ते हुए ग्राफ को देखते हुए सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि आने वाले समय में फोरेंसिक साइंस एक्सपर्ट की काफी डिमांड रहेगी। आप इस कोर्स को करने के बाद अपराध दृश्य जांचकर्ता, फोरेंसिक इंजीनियर, क्राइम लेबोरेटरी एनालिस्ट, चिकित्सा परीक्षक जैसे पदों पर काम कर सकते हैं। आप सार्वजनिक क्षेत्र, प्राइवेट कंपनीज, सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट, रिसर्च आर्गेनाइजेशन इत्यादि में जाब कर सकते हैं। संस्थान िदिल्ली विश्वविद्यालय, नई दिल्ली िनेशनल इंस्टीटयूट आफ क्रिमिनोलाजी एंड फोरेंसिक साइंस, नई दिल्ली िइंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली िअलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, अलीगढ़ िडा. एच.एस. गौड़ विश्वविद्यालय, सागर िडा. बी.आर. अंबेदकर विश्वविद्यालय, आगरा िअन्नामलाई विश्वविद्यालय, तमिलनाडु िराजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर िपंजाब विश्वविद्यालय, पंजाब ( शिवानंद पाण्डेय,दैनिक जागरण,पटना,6.7.2010)

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