इंटरव्यू का समय नजदीक आते ही अभ्यर्थियों की धड़कनें बढ़ने लगती हैं। जिनकी तैयारी अच्छी होती है उनको तो ज्यादा परेशानी नहीं होती पर, आधी-अधूरी तैयारी करने वाले व्यक्तियों के लिए मुसीबत खड़ी हो जाती है। इंटरव्यू के दौरान आपके गुण सफलतादायी सिद्ध होते हैं तो आपकी कमियां सफलता के मार्ग में बाधा उत्पन्न करती हैं। ऐसे में जरूरत इस बात की होती है कि साक्षात्कार के दौरान निगेटिव एटिटयूट से बचा जाए तभी आप सफलत हो पाएंगे नहीं तो सफलता आपके लिए दूर की कौड़ी हो जाएगी। निर्देशों का पालन करें : इंटरव्यू स्थल पर समय से पहुंचे तथा इंटरव्यू लेटर में दिए गए निर्देशों का पालन करें। देर से पहुंचना तथा निर्देशों का उल्लंघन करना नकारात्मक प्रवृति के तहत आता है। समय से पूर्व पहुंचने के बाद आप मानसिक रूप से मजबूत एवं तरोताजा रहते हैं। साथ ही, परिस्थितियों से तालमेल बिठाने में भी सहायता मिलती है। आवश्यक डाक्यूमेंट्स लेना न भूलें। ना रहे कोई कमी : इंटरव्यू लेटर आने से पूर्व या आने के बाद एक सूत्री कार्यक्रम बनाकर तैयारी में लग जाएं। ध्यान रहे साक्षात्कार के दौरान आप तभी सटीक एवं सही उत्तर दे सकते हैं जब आपकी तैयारी अच्छी होगी। तैयारी के दौरान अपने रिज्यूमे पर समग्र ध्यान दें। कई बार अनेक प्रश्न रिज्यूमे से संबंधित पूछे जाते हैं। ऐसे में रिज्यूमे को नजरअंदाज करना आपके लिए घातक हो सकता है। उत्तर देते समय हमेशा पाजिटिव दृष्टिकोण रखें। बचें भावनात्मक भटकाव से : साक्षात्कार के दौरान भावनात्मक भटकाव से बचना चाहिए। अपनी कमजोरियों तथा परेशानियों को उजागर करने की बजाय अपनी खूबियों पर फोकस करें। इंटरव्यू आपके व्यक्तित्व परीक्षण का एक प्लेटफार्म होता है। बोर्ड आपके मेरिट को जानने के लिए उत्सुक रहता है। मनी को न बनाएं मुद्दा : यदि आप निजी क्षेत्र या किसी कंपनी में इंटरव्यू देने जा रहे हैं तो कभी भी मनी को मुद्दा न बनाएं। भले ही आपने पिछली नौकरी कम सैलरी के कारण छोड़ी हो पर इसका जिक्र साक्षात्कार के दौरान न करना ही श्रेयस्कर होता है। इसके अलावा पिछली कंपनी के बारे में शिकायत करने से भी बचें। संतुलित रहें : साक्षात्कार के दौरान अपना संतुलन बनाए रखें। कुछ लोग अपनी असहमति को आक्रामक तरीके से व्यक्त करते हैं जिसका निगेटिव असर पड़ता है। यदि आप किसी प्रश्न या बात से संतुष्ट नही हो तब भी शिष्टता बनाए रखें। अभिवादन भी है जरूरी : अभ्यर्थी को चाहिए कि इंटरव्यू रूम में प्रवेश करते समय तथा बाहर निकलते समय निश्चित रूप से बोर्ड के सदस्यों का अभिवादन करें। बीच-बीच में थंैक्स तथा सारी जैसे शब्दों का भी आवश्यक्तानुसार उपयोग करें(दैनिक जागरण,पटना,6.7.2010)।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।