हरियाणा तकनीकी शिक्षा विभाग के तत्वावधान में कार्यरत शुल्क समिति ने शैक्षणिक सत्र 2010-11 के दौरान तकनीकी शिक्षा के विभिन्न पाठयक्रमों में स्नातक तथा डिप्लोमा कोर्सो के लिए स्वपोषित संस्थानों की फीस निर्धारित कर दी है। एक सरकारी प्रवक्ता ने आज बताया कि शुल्क में ट्यूशन फीस (वार्षिक), विकास निधि (वार्षिक), स्टूडेंट फंड (वार्षिक) और एहतियाती राशि शामिल होंगी। उन्होंने बताया कि शुल्क सेमेस्टर वार वसूला जाएगा। विषम सेमेस्टर के लिए मई/जून में तथा सम सेमेस्टर के लिए नवंबर/दिसंबर में वसूला जाएगा। प्रवक्ता ने बताया कि इसके अलावा प्रति विद्यार्थी की दर से 45 हजार रुपये होटल एवं मैस शुल्क देय होगा, जिसमें रहने व ठहरने, पानी व बिजली, अध्ययन कक्ष, कंप्यूटर, वर्क स्टेशन,व्यायामशाला तथा खेल और आवश्यक फर्नीचर व सजावट का समान शामिल होगा। हालांकि स्थानीय स्थिति की मांग के अनुरूप 10 प्रतिशत तक की उतार-चढ़ाव हो सकता है। लॉन्डरी और कैंटीन चार्ज वास्तविक आवश्यकता अनुसार अलग होंगे। वातानुकूलित कमरों का शुल्क अलग से लिया जाएगा, जो औसतन 9 से 10 हजार रुपये अतिरिक्त होगा। वाहन शुल्क प्रति किलोमीटर सरकारी किराये जमा इससे 50 प्रतिशत अधिक तक नहीं वसूला जाएगा और वास्तविक किराया ही वसूला जाएगा। विश्वविद्यालय और बोर्ड परीक्षाओं का शुल्क वही होगा जो निर्धारित है। विवरणिका का मूल्य एक कोष के लिए 500 रुपये से अधिक नहीं होगा। इसी प्रकार, प्लेसमेंट ब्रासर (अंतिम वर्ष में) की कीमत भी 500 रुपये से अधिक नहीं होगी। वर्दी के लिए 3 हजार रुपये निर्धारित किए गए हैं जिनमें एक कोर्ट, दो पैंट, दो शर्ट, एक टाई व दो जोड़े जुराब शामिल हैं। प्रवक्ता ने बताया कि जनरेटर, वाई-फाई सिस्टम, बुक बैंक इत्यादि की सुविधा उपलब्ध करवाए जाने पर ही वसूला जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी संस्थानों को अपनी फीस का ब्यूरो इसी अनुसार विवरणिका में दर्शाना होगा व इसके अलावा उन्हें अपनी वेबसाइट पर भी इसकी जानकारी डालनी होगी(दैनिक जागरण,चंडीगढ़,5.7.2010)।
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