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01 जुलाई 2010

बैंकों में कर्मचारियों की ज़बर्दस्त कमी

देश के बैंकिंग क्षेत्र में अगले पांच साल में एक लाख से अघिक कर्मचारी सेवानिवृत होने जा रहे हैं, ऎसे में बैंकिंग क्षेत्र में अघिकारियों की सीधी भर्ती तेज करने, लिपिक स्तर पर शैक्षणिक योग्यता बढाने, अनुभवी और पेशेवर कर्मचारियों की कमी को देखते हुए बडे पैमाने पर मानव संसाधन विकास पर जोर दिया गया है।

बैंकिंग क्षेत्र में मानव संसाधन पर तैयार रिपोर्ट में बडे बैंकों में तीसरे कार्यकारी निदेशक की नियुक्ति की सिफारिश की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि तीन लाख करोड रूपए से अघिक और 30 हजार कर्मचारियों वाले बडे बैंकों में कार्यकारी निदेशक (मानव संसाधन) की तीसरे ईडी के तौर पर नियुक्ति की जानी चाहिए। इसमें अघिकारी वर्ग के रिक्त स्थानों में 50 प्रतिशत तक सीधे भर्ती करने को कहा गया है। बैंक ऑफ बडौदा के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अनिल के. खंडेलवाल की अध्यक्षता वाली समिति ने यह रिपोर्ट तैयार की है।

इसमें बैंकों में मानव संसाधन विकास पर विशेष जोर दिया गया है। अच्छा काम करने वाले को प्रोत्साहन और अच्छे कर्मचारी की पहचान के लिए केवल शीर्ष अघिकारी ही नहीं बल्कि अधीनस्थ कर्मचारी और यहां तक कि ग्राहकों से भी राय लेने को कहा गया है। रिपोर्ट में इस पर चिंता व्यक्त की गई है कि अगले पांच साल में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में शीर्ष प्रबंधन स्तर पर 60 से 70 प्रतिशत तक अघिकारी सेवानिवृत हो जाएंगे। ऎसे में विविध बैंकिंग के आज के युग में हर स्तर पर मानव संसाधन विकास पर गंभीरता के साथ ध्यान दिए जाने की जरूरत है(राजस्थान पत्रिका,1 जुलाई,2010)।

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