उत्तरप्रदेश में नर्सरी टीचर ट्रेनिंग (एनटीटी) कोर्स में प्रवेश के लिए सिर्फ महिलाएं आवेदन कर सकेंगी। आवेदन करने वाली प्रदेश के किसी भी जिले की निवासी हो सकती हैं। आवेदक अभ्यर्थियों के इंटरमीडिएट परीक्षा व स्नातक स्तर पर न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक होने चाहिए। अनुसूचित जाति/जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग/ विकलांग/स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित/भूतपूर्व सैनिक श्रेणी के अभ्यर्थियों को न्यूनतम अंकों में पांच प्रतिशत की छूट मिलेगी। आवेदक की आयु 18 वर्ष से कम और 30 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। अनुसूचित जाति/जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रितों को अधिकतम आयु सीमा में पांच साल और विकलांगों को 15 वर्ष की छूट दी जाएगी। शासन ने प्रदेश में एनटीटी की चयन प्रक्रिया तय कर दी है। इस बारे में बुधवार को शासनादेश जारी कर दिया गया। एनटीटी के संदर्भ में नर्सरी स्कूल का तात्पर्य ऐसे स्कूल से है जिनमें सामान्य तौर पर छह वर्ष तक की आयु के बच्चों को कक्षा एक से नीचे की कक्षाओं में शिक्षा दी जाती है। चयन के लिए हाईस्कूल के प्राप्तांक प्रतिशत को 10 प्रतिशत, इंटरमीडिएट के प्राप्तांक प्रतिशत को 20 प्रतिशत व स्नातक परीक्षा के प्राप्तांक प्रतिशत को 70 प्रतिशत भार देते हुए गुणांक का आगणन किया जाएगा। इसके आधार पर राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षक परिषद (एनसीटीई) से एनटीटी संचालित करने के लिए मान्यता प्राप्त व राज्य सरकार से सम्बद्धता हासिल कर चुकी निजी संस्थाओं में आवंटित सीटों के लिए वरीयता क्रम में औपबन्धिक चयन सूची जारी की जाएगी। निजी संस्थाओं की 50 फीसदी सीटें फ्री और बाकी पेड होंगी। निजी संस्थाओं में एनटीटी के लिए कोई मैनेजमेंट कोटा नहीं होगा। अभ्यर्थी को उत्तर प्रदेश के किसी भी जिले का अधिवास प्रमाण पत्र प्रशिक्षण में चयन के बाद प्रवेश की तिथि को प्रस्तुत करना होगा। एनटीटी आवेदन शुल्क 400 रुपये होगा। अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए यह 200 रुपये होगा। विकलांग अभ्यर्थियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। औपबन्धिक चयन सूची में शामिल अभ्यर्थियों के अभिलेखों की जांच इलाहाबाद में होगी। अभिलेखों की जांच के समय भराये जाने वाले प्रपत्र में अभ्यर्थियों को संस्थान की वरीयता देनी होगी। अभ्यर्थी को सीट आवंटित करने का अंतिम अधिकार चयन समिति को होगा। वर्तमान में प्रदेश में एनटीटी संचालित करने की मान्यता व संबद्धता सिर्फ फिरोजाबाद के दाऊ दयाल पीजी महिला कालेज को है। हालांकि कई और संस्थान भी हैं जिन्हें एनसीटीई से एनटीटी संचालित करने की मान्यता हासिल है पर उन्हें राज्य सरकार ने सम्बद्धता नहीं दी है(दैनिक जागरण,गोरखपुर,1.7.2010)।
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