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27 जुलाई 2010

यूपीःचिकित्सा शिक्षकों की बढ़ेगी सेवानिवृत्त आयु

उत्तरप्रदेश सरकार सूबे के चिकित्सा विश्वविद्यालय व मेडिकल कालेजों के चिकित्सा शिक्षकों की सेवानिवृत्त आयु बढ़ाने जा रही है। सेवानिवृत्त आयु 65 वर्ष तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। इस संबंध में मंगलवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक बुलायी गई है। संबंधित प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। गौरतलब है कि अभी छत्रपति शाहूजी महाराज चिकित्सा विश्वविद्यालय के चिकित्सा शिक्षकों (प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर आदि) की ही सेवानिवृत्त आयु 62 वर्ष है। राज्य सरकार से वित्त पोषित आगरा, कानपुर, इलाहाबाद, मेरठ, झांसी व गोरखपुर मेडिकल कालेजों के चिकित्सा शिक्षकों की सेवानिवृत्त आयु 60 वर्ष ही है। हो यह रहा है कि चिकित्सा शिक्षकों के 60 वर्ष में ही सेवानिवृत्त होने व तेजी से बढ़ रहे निजी मेडिकल कालेजों की तरफ उनके रुख से सरकारी मेडिकल कालेजों में उनकी कमी होती जा रही है। ऐसे में भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) समय-समय पर नोटिस जारी कर मेडिकल कालेजों में चिकित्सा शिक्षकों की कमी पर सरकार से जवाब-तलब करती रहती है। फिर भी कुछ न होने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री गुलाम नबी आजाद ने पहले 21 जनवरी को फिर 14 जून को मुख्यमंत्री मायावती को पत्र लिखकर चिकित्सा शिक्षकों की सेवानिवृत आयु जल्द से जल्द बढ़ाकर 65 वर्ष करने को कहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के पत्र पर राज्य सरकार अब सभी चिकित्सा शिक्षकों की सेवानिवृत आयु 65 वर्ष तक करने पर विचार कर रही है। इस संबंध में चिकित्सा शिक्षा निदेशालय ने शासन को प्रस्ताव भी भेजा है। मंगलवार मुख्य सचिव अतुल कुमार गुप्ता की अध्यक्षता बुलाई गई बैठक में संबंधित प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने की उम्मीद है(दैनिक जागरण,लखनऊ,27.7.2010)।

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