नियुक्ति पत्र की बाट जोह रहे आयुष चिकित्सकों का इंतजार आखिर खत्म हो गया। राज्य सरकार ने 1544 आयुष चिकित्सकों को बहाल करते उन्हें 10 अगस्त तक अपनी सेवा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में सौंपने का निर्देश जारी कर दिया है। ात हो कि आयुष चिकित्सक की बहाली 15 वर्षों बाद हो रही है। 2007 में आयुष चिकित्सकों से आवेदन मांगे थे। परीक्षा लेने के बाद तैयार की गई मेधा सूची में शामिल चिकित्सकों का कॉउंसिलिंग बीसीईसी ने 7 अप्रैल शुरू की थी। काउंसिलिंग होने के बाद राज्य सरकार ने अंतिम मेधा सूची जारी करते उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपा है। ात हो कि आयुष चिकित्सकों की लिखित परीक्षा का परिणाम 18 जनवरी 2010 को घोषित हुआ था। विभाग के निर्णय के अनुसार है कि रिक्त पड़े 1544 पदों में से 50 प्रतिशत आयुर्वेद, 30 प्रतिशत होमियोपैथ व 20 प्रतिशत पद यूनानी चिकित्सकों से भरा गया है। इस आधार पर होमियापैथ के 429 चिकित्सकों को बहाल किया गया। इनमें 227 सामान्य श्रेणी , 41 अनु.जाति, 3 जनजाति, 81 आर्थिक रूप से पिछड़ा, 54 पिछड़ा , 14 महिला कोटा, 7 सामान्य विकलांग व 2 पिछड़ा विकलांग के चिकित्सकों को बहाल किया गया है। यूनानी के कुल 245 चिकित्सकों को बहाल किया गया। इनमें 149 सामान्य, 54 आर्थिक पिछड़ा , 33 पिछड़ा तथा 9 महिला श्रेणी में बहाल किये गये। अनु. जाति व जनजाति से उम्मीदवार नही मिले। आयुर्वेद के कुल 704 चिकित्सकों को बहाल किया गया। इनमें 374 सामान्य, 89 पिछड़ा 57 अनु.जाति, 8 अनु. जनजाति ,135 आर्थिक पिछड़ा, 22 महिला, 12 विकलांग,3 पिछड़ी जाति के विकलांग, 4 आर्थिक रूप से पिछड़े विकलांग श्रेणी में बहाल किये गये है(राष्ट्रीय सहारा,पटना,8.8.2010)।
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