पंजाब में 25 हजार कर्मचारियों की भर्ती की खबर लाखों की संख्या में खड़े बेरोजगारों के चेहरों पर रौनक ला सकती है लेकिन इतनी बड़ी संख्या की तैयार हुई सूचियों को देखकर वित्त विभाग की सांसें फूलने लगी हैं।
11 अगस्त को होने वाली कैबिनेट की बैठक में इन 25 हजार में से कितनों पर सहमति हो पाती है यह वित्त विभाग के बजट पर निर्भर करेगा। वित्त विभाग नए कर्मचारियों के वेतन और इसी साल रिटायर होने वाले कर्मचारियों से होने वाली बचत का आकलन कर रहा है। काबिले गौर है कि रिटायरमेंट ऐज 58 से 60 न करने को लेकर अड़े वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल इस बात के लिए राजी हो गए थे कि आने वाले दिनों में सभी विभागों में न्यूनतम भर्ती करने की इजाजत उनका विभाग दे देगा।
कैबिनेट ने उनकी बात को मानकर भर्ती के लिए हां कर दी और विभागों से सूचियां मंगवा लीं। सभी 31 विभागों ने अपनी-अपनी सूचियां भेज दी हैं जिनका केटागिरी वाइज आकलन किया जा रहा है। सबसे अधिक भर्ती क्लर्कों, कम्प्यूटर आप्रेटर्स, सहायकों, आदि के लिए होनी है। वैसे कुछ विभागों को स्टाफ उनका अपना है। मसलन स्वास्थ्य विभाग को डॉक्टर, शिक्षा विभाग को टीचर और पुलिस को सुरक्षा कर्मियों की दरकरार ज्यादा है, लेकिन एक बात जो सामने आई है वह यह कि कम्प्यूटर दक्ष कर्मचारियों की दरकरार सबसे अधिक है। कैबिनेट में सभी विभाग 25 हजार की भर्ती के लिए दबाव बना सकते हैं।
इसका कारण है कि इसी साल में 16 हजार कर्मचारियों को रिटायर होना है। इतनी भारी तादाद में रिटायरमेंट के चलते विभागों का काम कैसे चलेगा इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। उधर, नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर वित्त विभाग के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि अभी उनका ध्यान वेतन आयेाग की सिफारिशों के बाद कर्मचारियों को एरियर, जो सात हजार करोड़ रुपए है, देने की ओर है। जानकार सूत्रों का कहना है कि भर्ती का एजेंडा कैबिनेट में लिखित में नहीं ले जाया जाएगा बल्कि इसे मौखिक रूप में बताया जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद इसे अगली मीटिंग में लिखित में ले जाया जाएगा(दैनिक भास्कर,चंडीगढ़,8.8.2010)।
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