राजस्थान में, माध्यमिक शिक्षा विभाग में राजकीय श्रेष्ठ विद्यालय पुरस्कार योजना-2010 शुरू की गई है। चयनित एक-एक माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालय को नकद पुरस्कार दिया जाएगा। राज्य में कुल 82 विद्यालय पुरस्कृत होंगे। इनमें जिलास्तर पर एक-एक मावि व उमावि, मंडलस्तर पर सात-सात और राज्यस्तर पर एक मावि व एक ही उमावि को शामिल किया जाएगा। राज्यस्तर पर चयनित विद्यालयों को 50 हजार, मंडलस्तर पर 40 हजार और जिलास्तर पर 25 हजार रुपए का पुरस्कार मिलेगा। इस वर्ष राज्यस्तर पर चयनित होने वाले विद्यालयों को अगले वर्ष शिक्षक दिवस पांच सितंबर को जयपुर में पुरस्कृत किया जाएगा। मंडल और जिलास्तर पर चयनित होने वाले विद्यालयों को 15 अगस्त या 26 जनवरी के जिला स्तर के मुख्य समारोह में पुरस्कृत किया जाएगा। नकद पुरस्कार माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से दिए जाएंगे। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने इसके लिए शिविरा पत्रिका में प्रपत्र भी जारी किया है। प्रपत्र में आवेदन के लिए दी गई शर्तों को पूरा करने में संस्था प्रधानों को भारी परिश्रम करना होगा। यानी पुरस्कार लेना आसान नहीं होगा। उसी स्कूल को श्रेष्ठ माना जाएगा, जिसका शैक्षिक सत्र 2009-10 का परीक्षा परिणाम उत्कृष्ट होगा। इसका आधार 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा रखा गया है। यह भी देखा जाएगा कि विद्यालय के कितने छात्रों ने गत वर्ष बोर्ड की मेरिट में स्थान बनाया था। विभाग ने पुरस्कार चयन में शैक्षिक गुणवत्ता को प्रमुख आधार माना है। इसके अलावा विद्यालय संचालन के लिए विभिन्न मदों में मिलने वाले बजट के उपयोग के तरीके को भी देखा जाएगा। खेलकूद, पुस्तकालय, ट्रांसपोर्ट वाउचर, साइकिल योजना, निर्माण, पोषाहार, छात्रवृत्तियां, कम्प्यूटर शिक्षा, कार्यालय व्यय को भी प्रपत्र में दर्शाना होगा। छात्र निधि का उपयोग और खेलकूद गतिविधियों में स्कूल की स्थिति दर्शानी होगी। शिक्षा विभाग एवं स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑल इंडिया (एसजीएफआई) की ओर से आयोजित विद्यालयी खेलकूद प्रतियोगिताओं में विद्यालयों द्वारा जिला, राज्य व राष्ट्र स्तर पर प्राप्त एकल अथवा सामूहिक उपलब्धि का पूर्ण विवरण अलग-अलग अंकित करना होगा।
मूल स्वरूप बनाने की जरुरत
राजकीय विद्यालय श्रेष्ठ पुरस्कार योजना किसी स्कूल के लिए काफी बड़ा सम्मान है लेकिन इसके मूल स्वरूप को बनाने की जरुरत महसूस की जा रही है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय से श्रेष्ठ स्कूलों के प्रस्ताव माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को भेजे जाते हैं। उसके बाद बोर्ड पुरस्कार राशि के डीडी स्कूलों के नाम से जारी करता है। 1997 में शुरू हुई यह योजना अपना मूल स्वरूप खोती जा रही है। बीच में यह योजना कई सालों तक बंद रही थी। राज्य की पूर्व भाजपा सरकार ने इसे वापस शुरू तो किया लेकिन योजना मूल स्वरूप नहीं पा सकी है। यह आयोजन राज्यस्तर पर शिक्षक दिवस और मंडल व जिलास्तर पर 15 अगस्त और 26 जनवरी पर ही सिमट कर रह गया है। इन अवसरों पर इतने आयोजन होते हैं, जिससे शिक्षा विभाग के कार्यक्रम की जानकारी ही लोगों तक नहीं पहुंच पाती है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने इस बार श्रेष्ठ विद्यालयों को प्रमाण-पत्र देने और आयोजन 12 जनवरी युवा दिवस के अवसर पर करने के प्रस्ताव बोर्ड को भेजे थे, जिसमें प्रमाण-पत्र देने के प्रस्ताव को बोर्ड ने मंजूरी दे दी है।
आवेदन 31 तक
राजकीय श्रेष्ठ विद्यालय पुरस्कार योजना के तहत जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त रखी गई है। जिला शिक्षा अधिकारियों को 15 सितंबर तक प्रस्ताव उपनिदेशकों को भेजने होंगे। उपनिदेशक प्रस्तावों की समीक्षा कर प्रस्ताव 30 सितंबर तक शिक्षा निदेशक को भेजेंगे।
इनका कहना है
ञ्चइस साल चयनित होने वाली स्कूलों को नकद पुरस्कार के साथ प्रमाण-पत्र भी दिए जाएंगे। माध्यमिक शिक्षा निदेशक के इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया है। आयोजन की तिथि निश्चित करने के संबंध में बोर्ड की बैठक में निर्णय लिया जाएगा।
मिरजुराम, सचिव, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर
इनका भी होगा मूल्यांकन
साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में छात्र व विद्यालय की उपलब्धि
कम्प्यूटर का विद्यालय में उपयोग और उनकी संख्या
विद्यालय के भौतिक विकास के लिए समुदाय से जन सहयोग
विद्यालय में आयोजित विविध कार्यक्रम
माध्यमिक शिक्षा का ढांचा सुदृढ़ बनाने के लिहाज से श्रेष्ठ विद्यालयों को पुरस्कृत किया जाएगा। यह पुरस्कार तीन स्तर पर दिया जाएगा। स्कूलों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त रखी गई है(नवीन शर्मा,दैनिक भास्कर,बीकानेर,24.8.2010)
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