मुख्य समाचारः

सम्पर्कःeduployment@gmail.com

22 अगस्त 2010

मुंबई यूनिवर्सिटी के 853 में से 808 छात्र फेल

यह एक ऐसा रेकॉर्ड है जिसे शायद कोई भी विश्वविद्यालय न तोड़ना चाहे। लेकिन मुंबई यूनिवर्सिटी इसे तकरीबन हर साल बना रहा है। एमए प्रथम वर्ष इकॉनमिक्स में इस बार भी केवल 4.8 प्रतिशत छात्र पास हुए हैं। पिछले साल भी इस विषय का परिणाम 5 प्रतिशत रहा था।

एनबीटी को मिल जानकारी के मुताबिक, इस साल एग्जाम में कुल 853 छात्र बैठे थे। जिसमें से सफलता केवल 45 खुशनसीबों के हाथ लगी है। शेष 808 स्टूडेंट्स को अपना साल रिपीट करना होगा। रेगुलर कोर्स के 276 छात्रों में से केवल 36 पास हुए हैं और डिस्टेंस एजुकेशन के 577 में से 9 छात्र सफल हो सके हैं।

फेल हुए छात्रों में खासा आक्रोश है। कई छात्रों ने एनबीटी से बताया कि विषय कठिन है और टीचर्स की कमी की वजह से पढ़ाई भी ठीक से नहीं करवाई जाती। इतने घटिया रिजल्ट की वजह क्या है? जवाब में यूनिवर्सिटी के कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन विलास शिंदे का कहना है कि इसके बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता। लेकिन पिछले साल भी इस विषय में 516 में से केवल 13 छात्र पास हुए थे।

वाइस चांसलर डॉ राजन वेलुकर ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि वे बिजी हैं(कंचन श्रीवास्तव,नभाटा,मुंबई,21.8.2010)।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।