सरकारी नौकरियों में महिलाओं की संख्या बढ़ाने केंद्र सरकार ने कवायद शुरू कर दी है। अब केंद्रीय स्तर पर होने वाली किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में महिलाओं से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। यह छूट मेडिकल, इंजीनियरिंग सहित सभी परीक्षाओं में लागू होगी।
सरकारी नौकरियों में महिलाओं की संख्या बढ़ाने केंद्र सरकार द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। अब केंद्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में महिलाओं से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। सरकारी नौकरियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
कार्मिक मंत्रालय द्वारा इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। केंद्रीय विभागों में फिलहाल निम्न स्तर पर 20 से 25 फीसदी व उच्च स्तर पर 10 से 15 फीसदी महिलाएं ही नौकरी कर रहीं हैं, जबकि देश में महिलाओं की आबादी लगभग 48 फीसदी है।
इस निर्णय के बाद केंद्रीय विभागों, स्वायत्त संस्थानों या संबंद्ध एजेंसियों द्वारा ली जाने वाली किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में महिलाओं से कोई फीस नहीं ली जाएगी। प्रारंभिक परीक्षा, टेस्ट व साक्षात्कार सभी स्तर पर महिलाएं बिना कोई शुल्क जमा किए ही शामिल हो सकेंगी। कार्मिक मंत्रालय का यह आदेश सभी विभागों को भेज दिया गया है।
मेडिकल, इंजीनियरिंग भी शामिल: केंद्रीय स्तर पर संचालित मेडिकल व इंजीनियरिंग कालेजों के लिए आयोजित होने वाली परीक्षाओं में भी यह छूट लागू होगी। मेडिकल व इंजीनियरिंग के क्षेत्र में वर्तमान में मात्र 7, 8 फीसदी महिलाएं ही नौकरी कर रहीं हैं। केंद्र सरकार की मंशा है कि इस क्षेत्र में महिलाओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
यूपीएससी, एसएससी में थी छूटःसंघ लोक सेवा आयोग व केंद्रीय चयन आयोग की परीक्षाओं में महिलाओं से किसी भी तरह का शुल्क नहीं लेने का निर्णय पिछले वर्ष लागू किया गया था। इसके सकारात्मक परिणाम को देखते हुए केंद्रीय स्तर की सभी परीक्षाओं को इस दायरे में शामिल किया गया है।ञ्चकेंद्र का यह आदेश फिलहाल नहीं मिला है, लेकिन यह अच्छी पहल है। राज्य स्तर की परीक्षाओं में भी इस तरह की पहल की जाएगी, ताकि महिलाओं को बढ़ावा मिले।लता उसेंडी.महिला एवं बाल विकास मंत्री(दैनिक भास्कर,बिलासपुर,10.8.2010)
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