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08 अगस्त 2010

हरीसिंह गौर विश्वविद्यालयःगेस्ट फैकल्टी को लेकर उलझन

हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय में विभिन्न विभागों में होने जा रही गेस्ट फैकल्टी की नियुक्तियों को लेकर कई विभागाध्यक्ष उलझन में पड़ गए हैं, क्योंकि इनका कहना है कि विवि प्रशासन ने नियुक्तियों के नियमों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं दिए हैं। न तो यह बताया गया है कि किन-किन विभागों में कुल कितने गेस्ट फैकल्टी नियुक्त किए जाना हैं और न ही यह जानकारी दी गई है कि इनमें रोस्टर का पालन किस तरह किया जाना है। इस उलझन को लेकर कुछ विभागाध्यक्षों ने कुलसचिव से जानकारी लेने के लिए पत्राचार भी किया है।

गौरतलब है कि विवि में लगभग 35 विभिन्न विभागों में शिक्षकों के कई पद रिक्त हैं। इन रिक्त पदों के विरुद्ध एवं विभागों में आवश्यकतानुसार गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति होना है। जानकारी के अनुसार 9 अगस्त तक आवेदन फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि है। विवि प्रशासन ने इस संबंध में विभागाध्यक्षों को नियुक्ति प्रक्रिया संबंधी दिशा-निर्देश तो भेजे हैं, लेकिन इनमें कई बिंदुओं पर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।


केविएट दायर कीविवि प्रशासन की ओर गेस्ट फैकल्टी की नियुक्तियों को लेकर हाईकोर्ट में केविएट दायर की गई है, ताकि नियुक्तियों के विरोध में कोई याचिका दायर होती है तो इसको लेकर विवि प्रशासन का भी पक्ष रखा जा सके। शनिवार को इस केविएट को लेकर मुख्य प्रशासनिक भवन में कयास लगाए जा रहे थे। बताया जाता है कि इस केविएट में तीन-चार ऐसे संविदा शिक्षकों के नाम हैं जिनको लेकर विवि प्रशासन को आशंका है कि वे गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति के विरोध या इसकी प्रक्रिया आदि को लेकर याचिका दायर कर सकते हैं।

कहीं 5 तो कहीं 50 की जरूरत.गेस्ट फैकल्टी की नियुक्तियां रिक्त पदों के विरुद्ध एवं विभागों में आवश्यकतानुसार होना हैं। इस संबंध में विवि प्रशासन ने कुछ दिन पहले विभागाध्यक्षों से जानकारी मांगी थी, जिसमें कहीं पांच तो कहीं 50 गेस्ट फैकल्टी की जरूरत बताई गई थी। एक विभाग में 50 गेस्ट फैकल्टी की आवश्यकता बताई गई है, क्योंकि यहां विद्यार्थियों की संख्या अधिक है और प्रत्येक 20 विद्यार्थी पर एक शिक्षक होने की व्यवस्था का हवाला दिया गया है।

ऐसी स्थिति में आरक्षण अथवा रोस्टर का पालन किस तरह होगा, इसको लेकर कुछ विभागाध्यक्ष उलझन में हैं। क्योंकि इन्हीं को अपने-अपने विभागों में नियुक्ति प्रक्रिया संपन्न कराना है। इंटरव्यू सिलेक्शन कमेटी द्वारा लिए जाना हैं। शनिवार तक विभिन्न विभागों में सैकड़ों आवेदन आ चुके थे। प्रदेश सहित देश के विभिन्न प्रांतों से बड़ी संख्या में आवेदन भेजे गए हैं।

क्या कहते हैं कुलसचिव. विवि प्रशासन की ओर से गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसलिए हाईकोर्ट में केविएट दायर की गई। इसमें किसी संविदा शिक्षक का नाम लिया गया है या नहीं? इस बारे में मैं कोई टिप्पणी नहीं कर सकता। नियुक्तियां नियमानुसार होंगी, इस संबंध में विभागाध्यक्षों को जरूरी दिशा-निर्देश भेज दिए गए हैं।
- प्रो. एनके जैन, कुलसचिव (मीडिया अधिकारी के हवाले से दिया गया वर्जन)(दैनिक भास्कर,सागर,8.8.2010)

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