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03 अगस्त 2010

डीयूःसेमेस्टर पर साइंस कॉलेजों की फजीहत

दिल्ली विश्वविद्यालय में सेमेस्टर पर साइंस से जुड़े कॉलेजों की खासी फजीहत हो रही है। वहां प्राचार्य शिक्षकों के विरोध के कारण नया टाइम टेबल लगाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। लिहाज पाठ पुराना ही पढ़ाया जा रहा है।

विश्वविद्यालय में कुलपति के सामने ज्यादातर प्राचार्य साइंस में सेमेस्टर सिस्टम पर अमल होने के बात कह रहे हैं। लेकिन कॉलेजों में स्थिति अभी साफ नहीं है। वहां शिक्षक पुराने पाठ्यक्रम और उसके हिसाब से बनाए टाइम टेबल को ही लेकर चल रहे हैं। आचार्य नरेन्द्रदेव कॉलेज में बीकॉम आनर्स को छोड़कर अन्य सभी कोर्स साइंस के हैं। यहां सभी शिक्षक पुराने ढर्रे पर ही चल रहे हैं। प्रशासन उनसे बार बार सेमेस्टर सिस्टम चलने का आग्रह कर रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। एक शिक्षक ने बताया कि शिक्षकों के विरोधी तेवर को देखते हुए प्रशासन सेमेस्टर के हिसाब से नया टाइम टेबल लगाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है । ऐसी स्थिति में साइंस के छात्र अभी वहीं पाठ्यक्रम पढ़ रहे हैं जो शिक्षक उन्हें पढ़ा रहे हैं। छात्रों के सामने सेमेस्टर की स्थिति स्पष्ट नहीं है। साउथ कैंपस के एक कॉलेज प्राचार्य ने बताया कि सेमेस्टर का पाठ्यक्रम कमोबेश पुराना जैसा ही है। इसलिए ज्यादातर पेपरों में कोर्स को लेकर फिलहाल दिक्कत तो नहीं आ रही है लेकिन उन पेपरों में छात्रों को जरूर परेशानी होगी जिसे प्रशासन ने सेमेस्टर के तहत पहली बार जोड़े हैं।

आचार्य नरेन्द्रदेव की तरह भास्कराचार्य और दीनदयाल उपाध्याय कॉलेज का भी हाल है। यहां सेमेस्टर की राह पर ले चलने में प्राचार्यों को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। कैंपस के बड़े कॉलेजों में भी अभी पुराने ढर्रे पर ही शिक्षक चल रहे हैं। मिरांडा, हिन्दू, रामजस और केएमसी आदि कॉलेजों में सेमेस्टर पर प्रशासन को शिक्षकों का कड़ा विरोध झेलना पड़ रहा है(नई दुनिया,दिल्ली,2.8.2010)।

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