पटना विवि से उच्चशिक्षा ग्रहण करने की लालसा रखने वाले छात्र- छात्राओं के लिए खुशखबरी। राज्य सरकार द्वारा विवि के स्नातक एवं स्नातकोत्तर संकायों में नामांकन की सीटों को बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया है। इसकी अधिसूचना जारी कर दी गयी। हालांकि, विद्यार्थियों को इस सत्र से सीट बढ़ोतरी का फायदा नहीं मिल पायेगा। विवि प्रशासन ने चालू सत्र में बढ़ीं सीटों पर नामांकन लेने में असमर्थता जाहिर कर दी है। कुलसचिव डा. मनोज कुमार ने कहा कि विवि में नामांकन कार्य पूरा हो चुका है और दोबारा नामांकन प्रक्रिया शुरू करना संभव नहीं हो सकेगा। स्नातक एवं स्नातकोत्तर में नामांकन की सीटें बढ़ाने के भेजे गये प्रस्ताव पर राज्य सरकार ने मुहर लगा दी। स्नातकोत्तर विषयों में भौतिकी में 100, रसायन शास्त्र में 88, (मगध महिला कालेज में भौतिकी में नामांकन की 40 सीटें आवंटित की गयी है), वनस्पति शास्त्र में 64, गणित में 120, जन्तु विज्ञान में 80, सांख्यिकी में 72, भूगर्भ शास्त्र में 70, बायो केमेस्ट्री में 64, अंगे्रजी में 140, परसियन में 36, अरबी में 60, उर्दू में 80, बांगला में 60, संस्कृत में 60, दर्शन शास्त्र में 160, हिन्दी में 160, मैथिली में 60 सीटों पर दाखिला होगा। बीएन कालेज में बीए में 1200, बीएससी (गणित) में 288, बीएससी (जन्तु विज्ञान) में 180, वाणिज्य महाविद्यालय में 900, पटना विधि महाविद्यालय में 960, कला एवं शिल्प महाविद्यालय में 300, मगध महिला कालेज में बीए में 900, बीएससी में 384, साइंस कालेज में 900 सीटें कर दी गयी हैं। दूरस्थ शिक्षा निदेशालय में बीए एवं बीकाम में सीटें क्रमश: 11400 एवं 4500 कर दी गयी हैं। इस प्रकार अब विवि में प्रत्येक सत्र में 24414 विद्यार्थियों को दाखिला मिल सकेगा(दैनिक जागरण,पटना,3.8.2010)।
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