पंजाब के शिक्षा विभाग ने अध्यापक पद की नौकरी के लिए फर्जी डिग्री का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। फर्जी डिग्री वाले अध्यापकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और मामले की जांच उच्चस्तरीय अधिकारियों द्वारा की जाएगी।
इस संबंध में प्राथमिक जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री को जल्द ही सौंपी जाएगी। फर्जी डिग्री वाले अध्यापकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए शिक्षा मंत्री समेत आला अधिकारी मुख्यमंत्री बादल से मिलेंगे। मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बैठक में आरोपी अध्यापकों के खिलाफ अंतिम फैसला लिया जाएगा। हालांकि अभी तक इन अध्यापकों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है।
ऐसे हुआ था फर्जी डिग्रियों का खुलासा
हाल ही में अध्यापकों के रिक्त पदों के लिए शिक्षा विभाग ने भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। इस दौरान सैकड़ों उम्मीदवारों ने अप्लाई किया था। भर्ती के बाद शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को इस बात की जानकारी मिली कि कुछ टीचर ऐसे भी जिन्होंने फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी हासिल कर ली है। इन सभी अध्यापकों ने जिन जिन विश्वविद्यालियों से डिग्री या अन्य प्रमाण पत्र लिया था, वहां से वेरीफिकेशन कराने के बाद यह खुलासा हुआ कि कई अध्यापकों की डिग्रियां फर्जी हैं। यहां तक संबंधित विश्वविद्यालियों ने भी अपनी रिपोर्ट में साफ कहा है कि शिक्षा विभाग ने जिन लोगों की डिग्री की वेरीफिकेशन कराने के लिए कहा था, उनके प्रमाण पत्र फर्जी हैं(सुखबीर सिंह बाजवा,दैनिक भास्कर,चंडीगढ़,9.8.2010)।
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