लोहिया विधि विवि में विद्यार्थियों को न्यायालय में लंबित वादों की विधिक स्तर पर मध्यस्थता करने के गुर सिखाएं जाएंगे ताकि कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद ये मध्यस्थता व समाधान सेंटर में अपना योगदान दे सकें। इसके माध्यम से न्यायालय में लंबित जमीन जायदाद, हर्जाना खर्च, पारिवारिक विवाद से जुड़े मुकदमों का निपटारा कोर्ट के बाहर ही दोनों पक्षों की रजामंदी से कराया जा सकेगा। कुलपति प्रो. बलराज चौहान ने विश्वास जताया है कि पहल से कोर्ट में लगातार बढ़ रही लंबित मुकदमों की संख्या को कम करने में अहम सहयोग मिलेगा।
उन्होंने बताया कि फिलहाल मूट कोर्ट की तर्ज पर अंतिम सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए तीन सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसमें वर्तमान में न्यायालय स्तर पर गठित मध्यस्थता व समाधान सेंटरों पर कार्यरत विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। विशेषज्ञ कानून की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को कोर्ट में लंबित विवादों को दोनों पक्षकारों के साथ बातचीत के आधार पर बतौर कोर्ट मध्यस्था निपटाने की जानकारी देंगे। बीते दिनों विवि में हुए कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस मार्कण्डेय काटजू ने कोर्ट में लंबित केसों पर नियंत्रण को मध्यस्थता व समाधान सेंटर स्थापित करने की जरूरत जताई। इसे गंभीरता से लेते हुए विधि विवि प्रशासन ने पहल करने का निर्णय किया है(अमर उजाला,लखनऊ,25.8.2010)।
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