कालेजों में सीटें बढ़ाने को लेकर छात्र नेताओं ने रणनीति बनाना शुरू कर दी है।मेरठ कालेज में कल छात्र नेताओं की बैठक हुई जिसमें तय किया गया कि अगर कालेजों में सीटें नहीं बढ़ाई गईं तो वे चुप नहीं बैठेंगे। हर सूरत में विश्वविद्यालय को सीटें बढ़ानी पड़ेंगी। आज विश्वविद्यालय में धरने प्रदर्शन का ऐलान कर दिया गया है। छात्रों के इस ऐलान के बाद तीन दिन बाद आज से खुल रहे विश्वविद्यालय में हंगामा होने के आसार बन गए हैं। हालांकि इस बारे में वीसी ने कहा है कि अगर कोई कालेज प्रत्यावेदन करता है तो वे सीटें बढ़ाने पर विचार जरूर करेंगे। सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने भी वीसी से इस मुद्दे पर बात करने को कहा है। सीटें बढ़ाए जाने का शासनादेश आने के बाद प्रवेश समिति की मीटिंग में सीटें नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया गया था। प्रवेश समिति की तरफ से बताया गया कि किसी भी कालेज की तरफ से सीटें बढ़ाने का प्रत्यावेदन नहीं किया गया है। ऐसे में वो सीटें नहीं बढ़ा सकते हैं। प्रवेश समिति के इस निर्णय का छात्र नेताओं ने विरोध करते हुए बुधवार से आंदोलन करने का निर्णय लिया है। मंगलवार शाम को छात्र नेताओं ने एक मंच के माध्यम से अपनी मांग रखने का निर्णय लिया है। इसके अलावा सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने इसे जायज मांग बताते हुए वीसी से बात करने को कहा है। उन्होंने बताया कि शासनादेश आने के बाद कालेजों में सीटें बढ़ाई जाना चाहिए, ताकि हजारों छात्रों को पढ़ाई का मौका मिल सके। उधर, रालोद के वरिष्ठ नेता राजकुमार सांगवान और विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल ने भी वीसी से मुलाकात कर इस समस्या को रखने की बात कही है। ऐसे में आज हंगामे के आसार बन रहे हैं।
प्राचार्य क्यों करेंगे प्रत्यावेदन
कालेजों द्वारा सीटों के प्रत्यावेदन करने को छात्र नेताओं ने साजिश बताते हुए कहा है कि जब वीसी ही सीटें नहीं बढ़ा रहे हैं तो कालेज प्राचार्य क्यों सीटें मांगेंगे। वहीं इस बारे में कोई भी प्राचार्य स्पष्ट रूप से कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। सीटों की जरूरत होते हुए भी वे पूरे एडमीशन होने का दावा कर रहे हैं(अमर उजाला,मेरठ,25.8.2010)।
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