मुख्य समाचारः

सम्पर्कःeduployment@gmail.com

09 अगस्त 2010

जीवाजी विश्वविद्यालय में डिस्टेंस एजुकेशन की एमफिल और पीएचडी अमान्य

दूरस्थ शिक्षण संस्थान की एमफिल की डिग्री या पीएचडी की उपाधि प्रदेश में मान्य नहीं होगी। उच्च शिक्षा विभाग ने दूरस्थ माध्यम से दोनों पाठ्यक्रमों की डिग्री हासिल करने वाले उम्मीदवारों को कॉलेजों में अतिथि विद्वान के तौर पर नियुक्ति न करने के निर्देश दिए हैं।

उच्च शिक्षा विभाग ने यूजीसी के आदेश का हवाला देते हुए कहा है कि केवल विश्वविद्यालय, कॉलेज और राष्ट्रीय महत्व की संस्था से पीएचडी और एमफिल करने वाले उम्मीदवारों को वेटेज दिया जाए। अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा डॉ.बीएस परिहार ने बताया कि कॉलेजों में अतिथि विद्वान की नियुक्ति के लिए आवेदन करने वाले कई उम्मीदवार ऐसे हैं,जिन्होंने दूरस्थ मोड में एमफिल और पीएचडी किया है। ऐसे उम्मीदवारों को दोनों डिग्रियों के वेटेज अंक नहीं दिए जाएंगे(दैनिक भास्कर,ग्वालियर,9.8.2010)।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।