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09 अगस्त 2010

गर्म हो रहा है नौकरियों का बाज़ार

भारतीय कंपनियों में साल के आने वाले छह महीनों के दौरान नौकरियों की भरमार रहने की उम्मीद है। साल के अंत तक विभिन्न कंपनियों में नियुक्ति गतिविधियों में ३० प्रतिशत तक इजाफा होगा। वैश्विक श्रमबल साल्यूशन सेवाएं देने वाली कंपनी केली सर्विसेज ने यह जानकारी दी है। कंपनी के अनुसार आने वाले महीनों में बैंकिंग, आईटी और एफएमसीजी क्षेत्रों में जमकर नई नियुक्तियां होंगी।

केली सर्विसेज के प्रबंध निदेशक कमल कारांत ने कहा कि हमने सात-आठ क्षेत्रों के बारे में अध्ययन किया। इन क्षेत्रों में औसतन नियुक्ति गतिविधियों में ३० प्रतिशत का इजाफा होगा। अगले छह माह के दौरान नियुक्तियों का दौर चलेगा। केली सर्विसेज ने विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार की स्थिति तथा वेतन पर अध्ययन रिपोर्ट जारी की। इसका मकसद विभिन्न संगठनों को अपने श्रमबल के लिए योजना बनाने में मदद करना है। अध्ययन के अनुसार बैंकिंग, आईटी और एफएमसीजी क्षेत्रों में मध्य वरिष्ठ स्तर तथा फ्रेशर्स के लिए काफी नौकरियां होंगी। बैंकिंग और आईटी उद्योग में इस साल पिछले वर्ष की तुलना में नियुक्तियों में ४० से ५० प्रतिशत का इजाफा होगा। एफएमसीजी क्षेत्र में नियुक्तियां २० से ३० प्रतिशत तक बढ़ेंगी। इस बढ़ोतरी के पीछे मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था, घरेलू मांग का तेजी से बढ़ना साथ ही अमेरिकी बाजार में आ रहे सुधार को माना जा रहा है। अध्ययन में यह भी कहा कि इंजीनियरिंग, रीयल एस्टेट समेत टेलीकॉम क्षेत्र में भी नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी दर्ज की जाएगी।

अध्ययन में इस बात पर जोर दिया गया है कि खासतौर पर बैंकिंग क्षेत्र में ग्राहकों की बढ़ती मांग को देखते हुए बैंकिंग एवं फाइनेंशियल क्षेत्र के प्रोफेशनल लोगों की भारी संख्या में जरूरत पड़ने वाली है। फिलहाल बैंकिंग क्षेत्र में रिलेशनशिप मैनेजरों के लिए नौकरियों का बाजार गर्म है। इसके अलावा बिजनेस आउटसोर्सिंग प्रोसेस (बीपीओ) में प्रक्रिया सुधार और लागत क्षमता के तहत प्रोसेस मैनेजरों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। कारांत ने यह भी कहा कि कंपनियों में बिक्री एवं विपणन कार्यकारियों का बाजार भी चरम पर है। साथ कंपनियों में ऐसे लोगों की काफी जरूरत भी है।

इसके अलावा दिन दिनों देखा जा रहा है कि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (बीपीओ) कंपनियों को अब छोटे शहर लुभाने लगे हैं। परिचालन की कम लागत तथा राज्य सरकारों द्वारा कर मुक्त्त तथा सब्सिडी के रूप में दिए जा रहे प्रोत्साहनों से जयपुर, चंडीगढ़ और मैसूर जैसे शहर अब आईटी और बीपीओ कंपनियों के लिए आकर्षक गंतव्य साबित हो रहे हैं। एवरेस्ट ग्रुप की वैश्विक सोर्सिंग पर दूसरी तिमाही की रिपोर्ट के मुताबिक, आईटी और बीपीओ कंपनियां अब टियर दो शहरों में जगह की तलाश कर रही हैं।

एवरेस्ट ग्रुप के उपाध्यक्ष अमनीत सिंह ने यहां संवाददाताओं को बताया, टियर दो तथा टियर तीन शहरों में परिचालन लागत कम होने तथा राज्य सरकारों द्वारा दिए जाने वाले अतिरिक्त प्रोत्साहनों से अब आईटी और बीपीओ कंपनियां अपने विदेशी परिचालनों के लिए इन शहरों को गंतव्य बना रही हैं। रिपोर्ट में ड्यूश बैंक और जेनपैक्ट जैसी कंपनियों का उदाहरण दिया गया है, जिन्होंने जयपुर में अपना विदेशी परिचालन स्थापित किया है। वहीं डेल और ईडीएस-इन्फोसिस ने चंडीगढ़ और अहमदाबाद में केंद्र खोले हैं।

अमनीत सिंह ने कहा, हालांकि कंपनियां मूल्तः टियर-१ शहरों पर ज्यादा जोर केवल बुनियादी सुविधाओं की वजह से दे रही है। इसके बावजूद यह कंपनियां चालू तिमाही के दौरान ३८ नई घोषणाएं करने वाली हैं। सिंह ने वैश्विक बाजार के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि आउटसोर्सिंग और ऑफश्योर सेवाओं की मांग घरेलू प्रोत्साहन की वजह से लगातार बढ़ रही है। आउटसोर्सिंग सेवाओं की मांग २०१० की दूसरी तिमाही के दौरान भी तेजी में रहने की संभावना है। गौरतलब है कि यह रिपोर्ट एक्ससेंजर, कंवरजीत, आईबीएम, डेल सर्विस, कॉगनिजेंट, जेनपेक्ट, एचसीएल, इन्फोसिस, महिंद्रा सत्यम, टीसीएस, विप्रो समेत २० कंपनियों से बातचीत के आधार पर बनाई गई है। इस रिपोर्ट से साफ जाहिर होता है कि देश के बड़े शहरों के अलावा छोटे शहरों में भी नौकरियों का बाजार गर्म हो चला है(मेट्रो रंग,नई दुनिया,दिल्ली,9.8.2010)।

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