उत्तर मध्य रेलवे जोन के इलाहाबाद, आगरा, झांसी मंडल में कार्यरत टीटीई को मैकेनिकल ट्रेनिंग देकर ट्रेन में आई मामूली खराबी ठीक करने की ट्रेनिंग दी जा रही है। प्रथम चरण में इलाहाबाद के कोचिंग डिपो में पांच सौ टीटीई को प्रशिक्षण देने की तैयारी है, लेकिन टीटीई प्रशिक्षण का विरोध कर रहे हैं। मालूम हो कि ट्रेन के किसी भी कोच से अलार्म चेन पुलिंग (एसीपी) होने पर ब्रेक जाम हो जाता है। कोच में लगे उसके एसीपी सिस्टम को तकनीशियनों के पहुंचने पर ठीक किया जाता है। इसके लिए ट्रेन निरीक्षण विभाग (टीएक्सआर) की टीम काम करती है और खराबी को ठीक करती है। टीएक्सआर कानपुर, आगरा, मुगलसराय, इलाहाबाद, झांसी सहित जोन के कई बड़े स्टेशनों पर तैनात हैं। बीच रास्ते मामूली खराबी होने पर उसे ड्राइवर, गार्ड ठीक करते हैं, लेकिन अब बीच रास्ते में ऐसी गड़बड़ी को टीटीई ठीक करेंगे। इन्हें पाइप, वैक्यूम प्रेशर और ब्रेक जाम की भी जांच करने की ट्रेनिंग दी जा रही है। वहीं टीटीई का कहना है कि इससे उनका काम प्रभावित होगा। रात को दस बजे के बाद बीच रास्ते कोच का दरवाजा खोलने की अनुमति उनको नहीं है। ऐसे में एसीपी होने या वैक्यूम खराब होने पर वह ट्रेन से नीचे उतरकर आई गड़बड़ी को कैसे ठीक करेंगे। इसको लेकर रेल मंत्रालय तक शिकायत की गई ह(दैनिक जागरण,इलाहाबाद,3.8.2010)।
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