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10 अगस्त 2010

हिमाचलःबच्चों की मोबाइल स्कूल योजना बंद

जनजातीय क्षेत्र के बच्चों को शिक्षित करने के लिए एजूकेशन गारंटी स्कीम (ईजीएस) के तहत शुरू की गई मोबाइल स्कूल योजना पर विराम लग गया है। प्रशिक्षित अध्यापकों की कमी के चलते फिलवक्त योजना को बंद किया गया है। जनजातीय क्षेत्रों के 600 बच्चों को शिक्षित करने के लिए तहत 330 मोबाइल स्कूल आरंभ किए गए थे। इनमें से अधिकतर बंद हो चुके हैं। कुछ साल पहले शुरू की मोबाइल स्कूल योजना से जनजातीय क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा की आस जगी थी, लेकिन वर्तमान में योजना के तहत कोई भी स्कूल संचालित नहीं किया जा रहा है।

इन स्कूलों में कोई भी अध्यापक बच्चों को शिक्षित करने नहीं पहुंच रहा है। दुर्गम जनजातीय क्षेत्रों में कोई भी प्रशिक्षित अध्यापक जाना नहीं चाहता, जिससे योजना अधर में लटक गई है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल स्कूल संचालन के लिए कई अध्यापकों को भेजा गया है। गौरतलब है कि जनजातीय क्षेत्रों के लोग छह माह तक सर्दियों के दिनों में मैदानी क्षेत्रों, जबकि छह माह तक पहाड़ियों पर बसर करते हैं। देशभर में लागू शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत प्रशिक्षित शिक्षक ही स्कूलों में अध्यापन कार्य कर सकते हैं। जबकि एजूकेशन गारंटी स्कीम के तहत शिक्षण कार्य में जुटे अधिकतर शिक्षक अप्रशिक्षित हैं।

हालांकि इनमें से अधिकतर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट हैं, लेकिन वे प्रशिक्षित नहीं हैं। ऐसे में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत इन्हें शिक्षण कार्य में नियुक्त करना शिक्षा विभाग के लिए टेड़ी खीर साबित हो रहा है।

योजना पर पुनर्विचार होगा

राइट टू एजूकेशन बिल लागू होने के बाद प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में आरंभ मोबाइल स्कूल योजना पर पुनर्विचार किया जा रहा है। इस अधिनियम के तहत प्रशिक्षित शिक्षकों को ही अध्यापन कार्य में लगाने का प्रावधान है।
आईडी धीमान, शिक्षा मंत्री(दैनिक भास्कर,धर्मशाला,10.8.2010)

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