चौ.चरण सिंह विवि की 10 अगस्त से प्रारंभ हो रही बीएड की परीक्षा के केंद्र बनाने में सेटिंग-गेटिंग का खेल खूब चला। अधिकांश परीक्षा केंद्र यहां सेल्फ फाइनेंस संचालकों के हिसाब से बना दिये गये। वहीं, एडिड कालेजों पर भी सेल्फ फाइनेंस भारी पडे़। छात्रों ने शनिवार को कुलपति से मिलकर पूरे मामले को रखा। उन्होंने रविवार तक बीएड परीक्षा केंद्रों में संशोधन का आश्र्वासन दिया है। विवि से संबद्ध बीएड कालेजों की सत्र-2008-09 की परीक्षा दस अगस्त से शुरू हो रही हैं। विवि ने इसके लिए परीक्षा केंद्रों की सूची पहले ही फाइनल कर दी थी। छात्रों ने आरोप लगाया कि इस बार बीएड कालेजों के केंद्र ए का बी में और बी कालेज का ए में ही लगा दिया गया, ताकि केंद्रों पर नकल करायी जा सके। ज्यादातर कालेजों के केंद्र भी सेल्फ सेंटर रखे गये हैं। इनमें मुख्य रूप से बीएड कालेज दून, दीपांशु कालेज तथा हरि कालेज सहारनपुर का केन्द्र सेल्फ सेंटर रखा गया है। इसके साथ ही वाईएसएल कालेज कंकरखेड़ा इंद्रप्रस्थ बीएड कालेज तथा महावीर इंस्टीट्यूट तीनों एक ही संचालक के हैं। इन तीनों का केंद्र महावीर में रखा दिया गया है। महिला कालेज ऑफ टेक्नालाजी सरधना रोड का केंद्र आरजीपीजी में रखा गया था। बाद में हटाकर उसे महावीर इंस्टीट्यूट में कर दिया गया। साथ ही गोचर महाविद्यालय रामपुर मनिहारन अनुदानित कालेज है, परंतु उसका केंद्र बदलकर जेवी जैन कालेज सहारनपुर कर दिया गया। इसके साथ ही मेरठ कालेज एवं एनएएस कालेज ने बिना किसी ठोस कारण बीएड परीक्षा ही कराने से इनकार कर दिया, लेकिन उनसे जवाब तलब नहीं किया गया। विवि के केंद्र बनाने में हुई इस सेटिंग-गेटिंग के विरोध में शनिवार शाम सात बजे छात्र नेता पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष डा. कुलदीप उज्जवल एवं स्नेहवीर पुंडीर के नेतृत्व में छात्र वीसी से आवास पर मिले। उन्होंने लिखित में पूरी शिकायत दर्ज करायी। वीसी ने रविवार तक बीएड केंद्रों में संशोधन का आश्र्वासन दिया। यह भी कहा कि जो गर्ल्स कालेज हैं, उनका केंद्र सेल्फ ही रखा जायेगा। इससे पूर्व ये छात्र रजिस्ट्रार प्रभात रंजन से भी मिले थे। डा. कुलदीप का आरोप है कि उन्होंने केंद्र निर्धारण के बारे में असमर्थता जतायी है(दैनिक जागरण,मेरठ,8.8.2010)।
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